जब वो दौड़कर आया और फिर रुक गया, उस पल की खामोशी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी। उसने हाथ बढ़ाया लेकिन वो लड़की अब किसी और की हो चुकी थी। ग्रे सूट वाले के चेहरे पर जो दर्द था, वो शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। ठुकराकर पछताएगा की कहानी में अक्सर यही होता है, जो इंतज़ार करता है, वो हाथ से निकल जाता है। उसकी आँखें नम थीं पर वो कुछ बोल नहीं पाया।
बीज रंग का सूट पहने शख्स बस मुस्कुराता रहा, जैसे उसे सब कुछ पहले से पता हो। वो न तो रोया न ही गुस्सा हुआ, बस तमाशबीन बना रहा। शायद वो इस तिकोनी प्यार की कहानी में सबसे समझदार इंसान है। ठुकराकर पछताएगा जैसे ड्रामे में ऐसा किरदार जरूरी होता है जो सब देखे पर चुप रहे। उसकी स्माइल में एक अजीब सी चालाकी थी जो वीडियो को और भी दिलचस्प बना रही थी।
लड़की ने बिना एक पल गंवाए सफेद सूट वाले का हाथ थाम लिया। उसकी आँखों में ग्रे सूट वाले के लिए कोई अफसोस नहीं था, बस नए साथी के लिए खुशी थी। ये फैसला बहुत तेज और साफ था। ठुकराकर पछताएगा वाले पलों में अक्सर लड़कियां कन्फ्यूज होती हैं, पर ये लड़की बहुत क्लियर थी। उसने पुराने को ठुकराकर नए को चुना और इसमें उसे कोई शर्मिंदगी नहीं थी।
जैसे ही प्रपोजल हुआ और ग्रे सूट वाला टूटा, पूरी पार्टी का माहौल बदल गया। लोग शराब के गिलास लिए बस देखते रहे। कोई ताली बजा रहा था तो कोई हैरान था। ठुकराकर पछताएगा वाले सीन में अक्सर भीड़ का रिएक्शन ही असली ड्रामा होता है। यहाँ भी वही हुआ, सबकी नजरें उस टूटे हुए दिल पर थीं जो बीच हॉल में अकेला खड़ा था।
कैमरा जब ग्रे सूट वाले की आँखों पर जूम करता है, तो लगता है वो अभी रो पड़ेगा। वहीं सफेद सूट वाले की आँखों में विजय का घमंड है। और लड़की? वो बस खुश है। इन तीनों की आँखों ने पूरी कहानी बता दी। ठुकराकर पछताएगा जैसे सीन में डायलॉग से ज्यादा आँखें बोलती हैं। यहाँ भी वही हुआ, बिना कुछ बोले सब कुछ कह दिया गया।