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ठुकराकर पछताएगावां54एपिसोड

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ठुकराकर पछताएगा

गौरी तीन साल से अर्जुन का पीछा कर रही थी। 1081वीं बार ठुकराने पर उसने कहा – बस। असल में वह दिल्ली की सबसे बड़ी अमीर घराने की बेटी थी। बचपन के दोस्त आदित्य से शर्त लगाई थी – गरीब बनकर अर्जुन को फँसाना। शर्त खत्म, गौरी असली अवतार में लौटी। अर्जुन को सच पता चला तो वह टूट गया। तनु के साथ मिलकर गौरी-आदित्य की शादी में तोड़फोड़ की कोशिश की, लेकिन उल्टा उसका ही सबकुछ बर्बाद हो गया। अनुवादित टमाटर लघु कहानी 'जब चाटने वाला नहीं बना, तो स्कूल का हैंडसम लड़का पछताने लगा', लेखक: 【नान ज़ियाओ फ़ेई】
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इस एपिसोड की समीक्षा

अमीर बनाम गरीब का क्लैश

ग्रे सूट वाला लड़का अपनी औकात दिखा रहा था और पीछे खड़ी गाड़ियों का काफिला उसकी ताकत बयां कर रहा था। वहीं सादी शर्ट वाला लड़का बस चुपचाप सब देख रहा था। लड़की का कन्फ्यूजन साफ दिख रहा था कि उसे किसका साथ देना चाहिए। जब वह लड़का सिगरेट पी रहा था तो लगा कि उसने दुनिया से नाता तोड़ लिया है। ठुकराकर पछताएगा की कहानी में यह टकराव सबसे बेहतरीन लगता है।

कमरे का वो सन्नाटा

रात का सीन जब लड़का बिस्तर पर बैठा था और लड़की कमरे में आई, तो माहौल में जो तनाव था वह लाजवाब था। लड़की की चिंता और लड़के की खामोशी ने सीन को बहुत भारी बना दिया। उसने सिगरेट जलाई और धुएं के बीच अपने सपनों को जलते हुए देखा। ठुकराकर पछताएगा जैसे पलों को नेटशॉर्ट पर देखना रोंगटे खड़े कर देता है। यह सीन बताता है कि प्यार में कभी-कभी चुप्पी सबसे बड़ा शोर होती है।

लड़की का द्वंद्व और फैसला

लड़की के चेहरे पर साफ झलक रहा था कि वह दो रास्तों के बीच फंसी हुई है। एक तरफ चमक-धमक और दूसरी तरफ सादगी। जब वह गिर गई और अमीर लड़के ने उसे उठाने की कोशिश नहीं की, तो सब कुछ स्पष्ट हो गया। बाद में कमरे में जाकर उसने जो बातें कीं, उससे लगा कि उसे अपनी गलती का अहसास हो रहा है। ठुकराकर पछताएगा वाला अंजाम शायद यहीं से शुरू होता है। नेटशॉर्ट की स्टोरीटेलिंग कमाल की है।

सिगरेट का धुआं और आंसू

आखिरी सीन में जब लड़का सिगरेट पी रहा था, तो उसकी आँखों में नमी थी जो उसने छिपाने की कोशिश की। लड़की उसके पास खड़ी थी पर शायद अब बहुत देर हो चुकी थी। वह लाइटर की आग में अपने जले हुए रिश्ते को देख रहा था। ठुकराकर पछताएगा की थीम इस सीन में चरम पर थी। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन्स देखकर लगता है कि जिंदगी भी कभी-कभी ऐसे ही मोड़ लेती है।

काफिले की ताकत और अकेलापन

काली गाड़ियों का काफिला और सुरक्षाकर्मी यह दिखा रहे थे कि अमीर लड़के के पास सब कुछ है, सिवाय उस लड़की के जिसके लिए वह सब कर रहा था। वहीं सादा लड़का अकेला खड़ा सब देख रहा था। लड़की का गिरना और फिर कमरे में वह बहस, सब कुछ बता रहा था कि पैसा सब कुछ नहीं खरीद सकता। ठुकराकर पछताएगा का डर शायद अमीर लड़के को भी सता रहा होगा। नेटशॉर्ट पर यह ड्रामा देखना मजेदार है।

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