जीवन भर का साथ के इस हिस्से में भूरे जैकेट वाले लड़के का दर्द साफ झलक रहा है। वह बूढ़ी महिला को पकड़कर रो रहा है, जैसे उसकी दुनिया टूट गई हो। उसकी आवाज में जो कंपन है, वह बताता है कि वह कितना टूटा हुआ है। सूट वाले आदमी का उसे धक्का देना और जमीन पर गिराना, यह सब देखकर बहुत बुरा लगा। यह सीन भावनात्मक उथल-पुथल जैसा है।
जीवन भर का साथ में यह दृश्य बहुत भारी है। वह बूढ़ी महिला, जिसने चेक कोट पहना है, वह कुछ नहीं बोल रही लेकिन उसकी आंखों में जो नमी है, वह सब कुछ कह रही है। जब वह लड़के को गले लगाती है या उसे संभालती है, तो लगता है जैसे वह सब कुछ सहन करने को तैयार है। उसकी खामोशी उस सूट वाले के शोर से कहीं ज्यादा असरदार है।
जीवन भर का साथ में जब वह झटका लगा, तो लाल लिपस्टिक और सफेद फर वाली महिला का चेहरा देखने लायक था। उसकी आंखें फैल गईं और वह अपने गाल को पकड़कर रह गई। उसकी सहेली ने उसे तुरंत संभाला, लेकिन उसका झटका साफ दिख रहा था। यह सीन दिखाता है कि कैसे एक पल में सब कुछ बदल सकता है और लोग कैसे प्रतिक्रिया करते हैं।
जीवन भर का साथ का यह सीन एक बहुत ही आधुनिक व्यापारिक केंद्र या बिक्री कार्यालय में सेट है। पीछे बिल्डिंग का मॉडल और चमकदार लाइट्स हैं, लेकिन सामने जो ड्रामा चल रहा है, वह बिल्कुल विपरीत है। यह विपर्यास बहुत दिलचस्प है। एक तरफ चमक-धमक है और दूसरी तरफ इंसानी जज्बातों का तूफान। यह परिवेश कहानी को और भी गहरा बना देती है।
जीवन भर का साथ में ग्रे सूट वाले व्यक्ति का व्यवहार बहुत घमंडी वाला है। वह खुद को बहुत ताकतवर समझ रहा है और दूसरों को नीचा दिखा रहा है। जब वह लड़के को धक्का देता है, तो उसकी आंखों में जो नफरत है, वह साफ दिखती है। ऐसा लगता है जैसे उसे अपनी पावर का बहुत घमंड है। यह किरदार बहुत नकारात्मक प्रभाव छोड़ता है।