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जीवन भर का साथवां14एपिसोड

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जीवन भर का साथ

गीता, एक गाँव की सफाई कर्मचारी, को अचानक करोड़ों की लॉटरी लगी। खुश होकर वह अपने बेटे रजत को पैसे देने शहर पहुँची। लेकिन बहू और उसकी माँ ने उसे अपमानित किया। बेटे ने भी उसे ठुकरा दिया और रिश्ता तोड़ दिया। बाद में जब उन्हें पता चला कि गीता ने करोड़ों की लॉटरी जीती थी, तब सबको अपनी गलती का एहसास हुआ। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। गीता की जिंदगी अब बदल चुकी थी।
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इस एपिसोड की समीक्षा

गुस्से का असली चेहरा

काली जैकेट वाली महिला का क्रोध इतना भड़क उठा है कि पूरा ऑफिस थम सा गया है। उसकी आवाज़ में दर्द और गुस्सा दोनों साफ झलक रहे हैं। सामने खड़ी महिला की चुप्पी और भी डरावनी लग रही है। ऐसा लगता है जैसे जीवन भर का साथ देने वाले रिश्ते में दरार आ गई हो। यह दृश्य दिल को छू लेता है।

शांति बनाम आंधी

पीली साड़ी पहनी महिला की शांति और काले कपड़ों वाली की आंधी के बीच का संघर्ष देखने लायक है। एक तरफ गुस्से से भरे शब्द हैं, तो दूसरी तरफ मौन। यह मौन शायद सबसे बड़ा जवाब है। जीवन भर का साथ निभाने का वादा अब सवाल बन गया है। हर एक्सप्रेशन कहानी कह रहा है।

रिश्तों की कसौटी

जब रिश्ते टूटते हैं, तो शब्दों की जरूरत नहीं होती, बस चेहरे काफी होते हैं। इस दृश्य में हर किरदार की आंखें एक अलग कहानी कह रही हैं। काली जैकेट वाली का दर्द और पीली साड़ी वाली की मजबूती देखकर लगता है कि जीवन भर का साथ निभाना कितना मुश्किल होता है। यह ड्रामा दिल को छू लेता है।

ऑफिस का ड्रामा

ऑफिस का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया है। काले सूट वाली महिला का गुस्सा और पीली साड़ी वाली की शांति एकदम विपरीत हैं। जब वह चिल्लाती है, तो लगता है जैसे जीवन भर का साथ निभाने का वादा टूट गया हो। हर चेहरे पर अलग-अलग भावनाएं हैं, जो इस ड्रामे को और भी रोचक बनाती हैं।

गुस्से की आग

काली जैकेट वाली महिला का क्रोध इतना भड़क उठा है कि पूरा ऑफिस थम सा गया है। उसकी आवाज़ में दर्द और गुस्सा दोनों साफ झलक रहे हैं। सामने खड़ी महिला की चुप्पी और भी डरावनी लग रही है। ऐसा लगता है जैसे जीवन भर का साथ देने वाले रिश्ते में दरार आ गई हो। यह दृश्य दिल को छू लेता है।

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