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चाँद का कशिश, ज़ालिम की धड़कनवां61एपिसोड

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चाँद का कशिश, ज़ालिम की धड़कन

पुरातात्विक संरक्षिका चंद्रिका एक उपन्यास में फँसकर रोशनी राजकुमारी की जगह ले लेती है। कहानी के अनुसार तीन दिन बाद ज़ालिम शासक रुद्रप्रताप उसे मार डालेगा। जान बचाने के लिए वह उससे उलझती है, हर जाल को चतुराई से नाकाम करती है। धीरे-धीरे दोनों के बीच कशिश बढ़ती है। चंद्रिका रुद्रप्रताप के बचपन के घावों को भरती है और उसके अकेले दिल को गर्माहट देती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

तलवार की धार पर नाचता प्यार

इस दृश्य में तनाव इतना गहरा है कि सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। काले वस्त्रों में लिपटा वह शख्स अपनी ही भावनाओं से जूझ रहा है, जबकि नारंगी पोशाक वाली युवती की आंखों में छिपा दर्द दिल को चीर जाता है। चाँद का कशिश, ज़ालिम की धड़कन जैसे शब्द इस माहौल पर सटीक बैठते हैं। तलवार का खतरा और आंखों का संवाद कहानी को एक नया मोड़ दे रहा है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे दृश्य देखना एक अलग ही अनुभव है, जहां हर फ्रेम में एक नई कहानी छिपी होती है।