पुरातात्विक संरक्षिका चंद्रिका एक उपन्यास में फँसकर रोशनी राजकुमारी की जगह ले लेती है। कहानी के अनुसार तीन दिन बाद ज़ालिम शासक रुद्रप्रताप उसे मार डालेगा। जान बचाने के लिए वह उससे उलझती है, हर जाल को चतुराई से नाकाम करती है। धीरे-धीरे दोनों के बीच कशिश बढ़ती है। चंद्रिका रुद्रप्रताप के बचपन के घावों को भरती है और उसके अकेले दिल को गर्माहट देती है।
लाल पोशाक में दुल्हन की मुस्कान देखकर लगा सब ठीक है, पर राजा की आँखों में ज़हर था। गले पर पकड़ और तलवार का खतरा... ये चाँद का कशिश, ज़ालिम की धड़कन वाला पल दिल दहला गया। नेटशॉर्ट पर ऐसे ड्रामे देखना नशा है, हर फ्रेम में सस्पेंस और इमोशन का तूफान।
चाँद का कशिश, ज़ालिम की धड़कन एपिसोड 15 - Netshort