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चाँद का कशिश, ज़ालिम की धड़कनवां43एपिसोड

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चाँद का कशिश, ज़ालिम की धड़कन

पुरातात्विक संरक्षिका चंद्रिका एक उपन्यास में फँसकर रोशनी राजकुमारी की जगह ले लेती है। कहानी के अनुसार तीन दिन बाद ज़ालिम शासक रुद्रप्रताप उसे मार डालेगा। जान बचाने के लिए वह उससे उलझती है, हर जाल को चतुराई से नाकाम करती है। धीरे-धीरे दोनों के बीच कशिश बढ़ती है। चंद्रिका रुद्रप्रताप के बचपन के घावों को भरती है और उसके अकेले दिल को गर्माहट देती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

राजकुमार का क्रोध और माँ का डर

इस दृश्य में तनाव इतना गहरा है कि सांस रुक जाती है। राजकुमार का गुस्सा और उसकी माँ की बेचैनी देखकर लगता है जैसे कोई बड़ा धमाका होने वाला हो। चाँद का कशिश, ज़ालिम की धड़कन जैसे ड्रामे में ऐसे मोड़ ही दर्शकों को बांधे रखते हैं। जब तलवार निकली तो हृदय की धड़कन तेज हो गई। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखना एक अलग ही अनुभव है, जहाँ हर फ्रेम में कहानी बोलती है।

चाँद का कशिश, ज़ालिम की धड़कन एपिसोड 43 - Netshort