ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर में जो तनाव दिखाई गई है वो कमाल की है। बूढ़े आदमी की आँखों में चमक और युवा लड़के का पसीना, सब कुछ इतना वास्तविक लगता है कि आप भी उस रेस का हिस्सा बन जाते हैं। नेटशॉर्ट पर ऐसे सामग्री देखना सुकून देता है।
जब वो महिला रेसर हेलमेट पहनकर गाड़ी चलाती है तो माहौल ही बदल जाता है। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर ने साबित कर दिया कि रेसिंग सिर्फ मर्दों का खेल नहीं है। उसकी आँखों में जो ध्यान था, वो किसी पेशेवर ड्राइवर से कम नहीं था।
नीले सूट वाले आदमी का गुस्सा और घबराहट देखकर हंसी आ रही थी। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर में ऐसे किरदार जोड़कर कहानी को और मजेदार बनाया गया है। वो बार-बार सोफे पर बैठता और उठता है, जैसे उसे अपनी ही गलती का अहसास हो रहा हो।
वो छड़ी वाला बूढ़ा आदमी असल में सबका बाप लगता है। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर में उसकी प्रवेश और संवाद प्रस्तुति शानदार है। जब वो खिड़की से बाहर देखकर इशारा करता है, तो लगता है कि रेस का नतीजा वही तय करेगा।
गाड़ी के अंदर का नज़ारा और गतिमापक की सुइयां देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर ने रेसिंग के हर पहलू को बहुत बारीकी से दिखाया है। वो नीली रोशनी वाली गाड़ी तो जैसे भविष्य से आई हो।
लड़के के चेहरे पर पसीना और डर साफ दिख रहा था। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर में भावनाओं को इतनी अच्छे से दर्शाया गया है कि आप भी उसके साथ घबरा जाते हैं। फिर जब वो मुस्कुराता है तो लगता है जीत पक्की है।
कांच की दीवारों वाला कमरा और बाहर रेस पथ का नज़ारा, सब कुछ बहुत अमीराना लगता है। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर सेट डिजाइन के मामले में किसी बड़ी फिल्म से कम नहीं है। नेटशॉर्ट पर ऐसे दृश्य देखना सुकून देता है।
महिला की आँखों में रेस का प्रतिबिंब देखकर मजा आ गया। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर ने ऐसे छोटे-छोटे विवरण पर बहुत ध्यान दिया है। जब वो चौंकती है तो लगता है कि रेस में कुछ गड़बड़ हो गई है।
सब लोग एक साथ खड़े होकर रेस देख रहे थे, ये सामूहिक कार्य की असली मिसाल है। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर में रिश्तों को भी बहुत अच्छे से दिखाया गया है। बूढ़े आदमी का युवा लड़के पर भरोसा देखकर दिल खुश हो जाता है।
जब गाड़ी समाप्ति रेखा की तरफ बढ़ रही थी तो सांसें रुक गई थीं। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर का चरमोत्कर्ष इतना दमदार है कि आप बार-बार देखना चाहेंगे। वो नीली लाइन वाली गाड़ी जीत गई, ये उम्मीद थी ही।
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