ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर में वो सीन जब ब्लॉन्ड लड़की पुरानी जंग लगी कार को ड्राइव करती है, दिल दहला देता है। उसकी आँखों में डर नहीं, जुनून था। लड़का बगल में चीख रहा था, पर वो शांत थी। ये दिखाता है कि हुनर गाड़ी का नहीं, ड्राइवर का होता है। नेटशॉर्ट पर ऐसे ही धांसू सीन्स देखने को मिलते हैं।
जब वो बैंगनी सुपरकार वाली लड़की एंट्री लेती है, तो माहौल बदल जाता है। उसका अंदाज और कॉन्फिडेंस देखकर लगता है कि रेस उसकी मुट्ठी में है। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर में किरदारों का ये टकराव बहुत दमदार है। पुरानी कार बनाम नई सुपरकार, ये क्लासिक मुकाबला हर बार रोमांचक लगता है।
रात के समय पहाड़ी रास्ते पर रेस का सीन रोंगटे खड़े कर देता है। हेडलाइट्स की रोशनी और टायरों की चीख, सब कुछ परफेक्ट था। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर ने इस सीन में टेंशन को बहुत अच्छे से दिखाया है। लड़की का फोकस और लड़के का डर, दोनों के एक्सप्रेशन लाजवाब थे।
वो सीन जब लड़के ने कॉफी का कप पुरानी कार पर गिरा दिया, गुस्सा और शर्मिंदगी दोनों झलक रही थी। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर में ऐसे छोटे-छोटे डीटेल्स कहानी को आगे बढ़ाते हैं। बैंगनी बालों वाली लड़की की हंसी और लड़के की नाराजगी, ये डायनामिक बहुत मजेदार था।
लड़का शुरू में बहुत डरा हुआ था, लेकिन अंत तक उसने हिम्मत दिखाई। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर में किरदारों का विकास बहुत अच्छा है। पुरानी कार में बैठकर भी वो चीखता रहा, पर लड़की ने हार नहीं मानी। ये दिखाता है कि सच्चा ड्राइवर हालात से नहीं डरता।
ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर में पुरानी सेडान का सुपरकार को टक्कर देना किसी चमत्कार से कम नहीं था। इंजन की आवाज और स्मोक का इफेक्ट बहुत रियल लगा। ये सीन साबित करता है कि मशीन से ज्यादा इंसान की काबिलियत मायने रखती है। नेटशॉर्ट पर ऐसे एक्शन सीन्स देखने लायक हैं।
गैरेज में वो पुराना सोफा और टूटा हुआ शीशा, सब कुछ कहानी कह रहा था। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर के सेट डिजाइन पर मेहनत साफ दिखती है। लड़की का वहां अकेले बैठना और टीवी देखना, उसके अतीत का संकेत देता है। ये डीटेल्स कहानी को गहराई देते हैं।
रेस का अंत बहुत हैरान करने वाला था। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर ने क्लाइमेक्स को बहुत अच्छे से हैंडल किया है। टाइमर का दिखना और लड़की की मुस्कान, सब कुछ परफेक्ट टाइमिंग पर था। ये सीन देखकर लगता है कि जीत सिर्फ स्पीड की नहीं, दिमाग की भी होती है।
तीनों मुख्य किरदारों के बीच की केमिस्ट्री बहुत नेचुरल लगी। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर में डायलॉग कम हैं, पर एक्सप्रेशन सब कुछ कह जाते हैं। बैंगनी बालों वाली लड़की का अहंकार और ब्लॉन्ड लड़की की सादगी, ये कॉन्ट्रास्ट बहुत अच्छा लगा।
ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर में एक्शन के साथ-साथ इमोशनल सीन्स भी हैं। लड़के का डरना और लड़की का उसे हिम्मत देना, ये पल दिल को छू लेते हैं। रेस के सीन्स में एड्रेनालाईन और ड्रामा दोनों का सही मिश्रण है। नेटशॉर्ट पर ये सीरीज जरूर देखनी चाहिए।
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