ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर में वो सीन जब लड़की अपनी पुरानी सफेद कार से नई स्पोर्ट्स कार को टक्कर देती है, रोंगटे खड़े कर देता है। इंजन की आवाज़ और क्लिफ साइड का ड्रिफ्टिंग सीन बिल्कुल हॉलीवुड स्तर का है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे एक्शन देखना सुकून देता है, बस यही उम्मीद है कि सीक्वल जल्दी आए।
बैंगनी सूट वाले ड्राइवर का घमंड टूटते देख मज़ा आ गया। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर ने साबित कर दिया कि हुनर गाड़ी की कीमत से नहीं, ड्राइवर के हौसले से होता है। वो पल जब वो घबरा कर स्टीयरिंग छोड़ देता है, असली खेल वहीँ खत्म हो गया था। डायलॉग कम लेकिन एक्सप्रेशन बहुत भारी थे।
सिर्फ रेसिंग नहीं, इमोशन भी जबरदस्त है। जब वो बूढ़ा आदमी छड़ी टेकते हुए ट्रैक पर आता है, तो लगता है कहानी में कुछ बड़ा होने वाला है। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर में हर कैरेक्टर का अपना वजन है। विपक्षी टीम का डर और हीरोइन का आत्मविश्वास स्क्रीन पर साफ झलकता है।
कैन्यन के बीच बनी रेसिंग ट्रैक की सिनेमेटोग्राफी लाजवाब है। सूरज ढलने का वक्त और कारों की हेडलाइट्स का मेल ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर को एक अलग लुक देता है। खासकर वो ड्रोन शॉट जब दोनों कारें खाई के किनारे रेस कर रही थीं, सांस रुक गई थी। नेटशॉर्ट पर क्वालिटी देखकर हैरानी हुई।
हर कोई नई गाड़ी को जीतने वाला मान रहा था, लेकिन लड़की ने अपनी पुरानी कार से सबका मुंह बंद कर दिया। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर की यही खासियत है कि ये दिखाता है कि जुनून किसी भी गाड़ी में हो सकता है। फाइनल मोड़ पर उसका थम्स अप वाला इशारा दिल जीत लेता है।
जब रेस क्लाइमेक्स पर पहुंची और दोनों कारें बम्पर टू बम्पर चल रही थीं, तो सांस थम सी गई थी। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर में सस्पेंस बनाए रखने का तरीका कमाल का है। दर्शकों की चीखें और कमेंटेटर की आवाज़ माहौल को और भी गर्म कर देती है। बिल्कुल थिएटर वाला अनुभव मिला।
काले सूट वाले विलेन का अंदाज और उसका घमंडी चेहरा। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर में खलनायक भी बहुत स्टाइलिश है। जब वो शराब पीते हुए रेस देख रहा होता है, तो लगता है उसे अपनी जीत का यकीन है। लेकिन अंत में उसका चेहरा उतर जाता है, वो पल देखने लायक था।
कार के इंजन और गियर शिफ्टिंग के क्लोज़-अप शॉट्स बहुत बारीकी से दिखाए गए हैं। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर में टेक्निकल चीजों का ध्यान रखा गया है। जब लड़की गियर बदलती है और एक्सीलेरेटर दबाती है, तो इंजन की गर्जना सुनकर मजा आ जाता है। ऑटोमोबाइल लवर्स के लिए ये शो बेस्ट है।
रेस के बीच में जो पुराने घायल ड्राइवर का फ्लैशबैक या इशारा था, वो दिल को छू गया। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर सिर्फ स्पीड के बारे में नहीं, जज्बात के बारे में भी है। लड़की की आंखों में आंसू और फिर गुस्सा, ये सब एक्टिंग नेचुरल लगी। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे कंटेंट की उम्मीद नहीं थी।
आखिरी मोड़ पर पुरानी कार का स्मोक छोड़ते हुए आगे निकल जाना और विलेन कार का पीछे रह जाना। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर का क्लाइमेक्स परफेक्ट है। भीड़ का पागलपन और हीरोइन का शांत चेहरा, ये कंट्रास्ट बहुत अच्छा लगा। ऐसे ही और एपिसोड्स का इंतजार रहेगा।
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