ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर में ड्राइवर का हार्ट रेट मॉनिटर देखकर ही पसीने छूटने लगते हैं। 180 बीपीएम तक पहुंचना कोई मजाक नहीं है, खासकर जब सामने पहाड़ी रास्ता हो। एनिमेशन स्टाइल इतना रियलिस्टिक है कि लगता है हम भी उस कार में बैठे हैं। हर मोड़ पर मौत का खेल और स्क्रीन पर बढ़ता तनाव, बस यही तो चाहिए एक थ्रिलर से।
जब बॉस चिल्ला रहा होता है और ड्राइवर पसीने में तरबतर होकर गाड़ी संभाल रहा होता है, तो सीन की इंटेंसिटी अपने पीक पर होती है। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर ने दिखाया कि प्रेशर में कैसे इंसान टूटता है या उभरता है। वो लक्जरी रूम में खड़े लोग और टीवी पर चल रहा रेस, क्लास डिफरेंस साफ दिख रहा था। ड्रामा और एक्शन का परफेक्ट बैलेंस।
पीछे विस्फोट हो रहा है और कार आगे बढ़ रही है, ये सीन देखकर रोंगटे खड़े हो गए। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर में विजुअल इफेक्ट्स कमाल के हैं। आग के गोले और टूटते हुए पार्ट्स, सब कुछ इतना क्लियर दिखाया गया है। ड्राइवर की आंखों में खून और गुस्सा, ये बताता है कि वो हार नहीं मानने वाला। एक्शन लवर्स के लिए ये सीन किसी दावत से कम नहीं।
आखिर में जो महिला ड्राइवर दिखाई दी, उसका अंदाज ही कुछ और था। आग के बीच में भी चेहरे पर स्माइल, ये दिखाता है कि वो कितनी कन्फिडेंट है। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर ने गेम चेंजर एंट्री दी है। रेड रेसिंग सूट और हेलमेट में वो किसी प्रोफेशनल रेसर से कम नहीं लग रही। पुरुष प्रधान कहानी में महिलाओं की ताकत दिखाना बहुत जरूरी है और ये शो ये काम खूब कर रहा है।
कार के डैशबोर्ड पर लगा हार्ट रेट मॉनिटर सिर्फ एक गैजेट नहीं, बल्कि ड्राइवर के डर और जोश का पैमाना है। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर में ऐसे छोटे-छोटे डिटेल्स कहानी को गहराई देते हैं। जब स्क्रीन लाल होती है और नंबर बढ़ते हैं, तो दर्शक की सांसें भी तेज हो जाती हैं। टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल इमोशन दिखाने के लिए बहुत स्मार्ट तरीके से किया गया है।
खड़ी चट्टानें और मुड़ता हुआ रास्ता, ये लोकेशन खुद एक किरदार की तरह है। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर में बैकग्राउंड की खूबसूरती और खतरे का मिश्रण कमाल का है। धूप का पड़ना और परछाइयां, सब कुछ सिनेमेटिक लग रहा है। ऐसे रास्तों पर गाड़ी चलाना आम बात नहीं है, और शो ने इसे बहुत अच्छे से कैप्चर किया है। विजुअल ट्रीट के लिए ये शो जरूर देखें।
एक तरफ एसी कमरे में खड़े लोग और दूसरी तरफ मौत से खेल रहा ड्राइवर, ये कंट्रास्ट दिलचस्प है। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर ने क्लास और स्ट्रगल के बीच की दूरी को बहुत बारीकी से दिखाया है। बॉस का गुस्सा और असिस्टेंट की चिंता, सबके चेहरे के भाव साफ बता रहे हैं कि स्टोरी कहां जा रही है। रियलिटी शो जैसा फील आता है जब लोग स्क्रीन देखकर रिएक्ट करते हैं।
कार के टायरों से निकलता धुआं और स्किड मार्क्स, ये सब एक्शन सीन को असली बनाते हैं। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर में ड्राइविंग स्किल्स को बहुत इम्पॉर्टेंस दिया गया है। ड्रिफ्टिंग करते वक्त कार का कंट्रोल कैसे बना रहता है, ये देखना ही एक अलग अनुभव है। ऑटोमोबाइल एंथूसियास्ट्स के लिए ये शो किसी वरदान से कम नहीं है। हर सीन में स्पीड और एड्रेनालाईन है।
ड्राइवर की आंखों से खून बहना और उसकी चीख, ये सीन देखकर रूह कांप गई। ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर ने दिखाया कि इंसान कितनी हद तक जा सकता है। ये सिर्फ रेस नहीं, बल्कि जिंदगी और मौत की जंग है। एनिमेशन में इतना इमोशनल ड्रामा देखना दुर्लभ है। डार्क थीम और इंटेंस एक्सप्रेशन ने शो को एक अलग लेवल पर पहुंचा दिया है।
नेटशॉर्ट ऐप पर ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर जैसी सीरीज मिलना सुकून देने वाला है। क्वालिटी इतनी हाई है कि लगता है किसी बड़े बजट की मूवी देख रहे हैं। स्टोरी की पकड़ मजबूत है और हर एपिसोड के बाद अगला एपिसोड देखने का मन करता है। एक्शन, ड्रामा और इमोशन का सही मिश्रण। अगर आप थ्रिल पसंद करते हैं तो ये शो आपके लिए ही बना है।
इस एपिसोड की समीक्षा
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