ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर में वो सीन जब लड़की जंग लगी पुरानी कार लेकर ट्रैक पर उतरती है, सबकी हंसी उड़ जाती है। कोच का गुस्सा और टीम का मजाक उड़ाना बिल्कुल रियल लगता है। फिर जब वो कार ड्रिफ्ट करती है और सबके होश उड़ जाते हैं, वो पल देखने लायक है। टैलेंट कभी भी, किसी भी गाड़ी में आ सकता है, ये मैसेज बहुत अच्छा लगा।
ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर में कोच का अंदाज ही कुछ और है। पहले सबको डांटता है, फिर लड़की को पुरानी कार देकर टेस्ट करता है। उसकी आंखों में चमक साफ दिखती है जब वो लड़की की ड्राइविंग देखता है। लगता है उसे पहले से पता था कि ये लड़की कुछ खास है। उसका सिगार पीना और ऑफिस में बैठना उसकी पावर दिखाता है।
ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर में जब पूरी रेसिंग टीम लड़की का मजाक उड़ाती है, तो बुरा लगता है। पर जब वो अपनी पुरानी कार से सबको चौंका देती है, तो उन चेहरों के एक्सप्रेशन देखने लायक होते हैं। खासकर वो लड़का जो सबसे ज्यादा हंसा था, उसका मुंह खुला रह जाता है। घमंड का सिर नीचा होना ही चाहिए था।
ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर की हीरोइन बिना कुछ बोले सबको जवाब देती है। जब कोच उसे पुरानी कार देता है, तो वो घबराती नहीं है। बस चुपचाप कार में बैठती है और ट्रैक पर जाकर सबको हैरान कर देती है। उसकी आंखों में डर नहीं, सिर्फ फोकस दिखता है। ऐसे किरदार देखकर अच्छा लगता है जो कम बोलते हैं और काम से बोलते हैं।
ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर में कोच के ऑफिस का सीन बहुत इंटरेस्टिंग है। वो लड़का जो कोच को सिगार का डिब्बा देता है, लगता है कुछ प्लान कर रहा है। कोच का सिगार पीते हुए मुस्कुराना बताता है कि वो सब जानता है। शायद ये लड़का और कोच मिलकर लड़की को टेस्ट कर रहे थे। बिजनेस और रेसिंग का मिक्स बहुत अच्छा लगा।
ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर में वो पुरानी सफेद कार का हाल देखकर हंसी आती है। जंग लगी बॉडी, टूटा बंपर, पर लड़की ने उसे ऐसे चलाया जैसे सुपरकार हो। जब कार के पार्ट्स गिरने लगते हैं और वो फिर भी स्पीड में रहती है, तो पता चलता है कि ड्राइवर कितना माहिर है। गाड़ी नहीं, इंसान मायने रखता है।
ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर में कोच सिर्फ एक टीचर नहीं, बल्कि एक मास्टरमाइंड लगता है। वो टैबलेट में सबका डेटा देखता है, फिर लड़की को चुनता है। उसका हंसना और सिगार पीना बताता है कि वो अपने प्लान में सफल हो गया। शायद वो नया टैलेंट ढूंढ रहा था और उसे मिल गया। उसकी स्माइल में कुछ छुपा है।
ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर में जब लड़की कार से कोन्स तोड़ती है, तो टीम के लड़कों के रिएक्शन देखने लायक हैं। पहले जो हंस रहे थे, अब चुप हो गए हैं। कोई मुंह खोले देख रहा है, कोई सिर खुजा रहा है। ये पल दिखाता है कि कभी किसी को कम नहीं आंकना चाहिए। टैलेंट किसी में भी हो सकता है, चाहे वो कितनी भी पुरानी गाड़ी चला रहा हो।
ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर के अंत में कोच लड़की को बिल थमा देता है। शायद ये कार के डैमेज का बिल है या फिर टेस्ट की फीस। लड़की के चेहरे पर गुस्सा और हैरानी दोनों दिखती है। कोच का पॉइंट करना बताता है कि अभी खेल खत्म नहीं हुआ है। आगे और भी कुछ होने वाला है, ये सीन क्लिफहेंगर जैसा लगा।
ड्राइविंग स्कूल का एस ड्राइवर की शुरुआत एक नई कहानी की तरह होती है। लड़की का नए प्लेस पर आना, टीम से मिलना, और फिर टेस्ट देना। सब कुछ फ्रेश लगता है। कोच का किरदार सख्त पर दिल से अच्छा लगता है। लड़की की ड्राइविंग देखकर लगता है कि आगे बहुत बड़ा टूर्नामेंट या रेस होने वाली है। ये सीरीज आगे और मजेदार होगी।
इस एपिसोड की समीक्षा
नवीनतम