छुपा हुआ टायरेंट २ का यह सीन देखकर रोंगटे खड़े हो गए। काले और सफेद पत्थरों के बीच की लड़ाई सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि दो शक्तियों का टकराव है। जंजीरों में जकड़ा बूढ़ा साधु इतना शांत कैसे है? उसकी मुस्कान के पीछे कोई बड़ी चाल छिपी है। नायिका की आँखों में डर नहीं, बल्कि एक अजीब सी जिद्द दिख रही है। यह मुकाबला आगे बहुत बड़ा रूप लेने वाला है, बस इंतज़ार कीजिए।
इस दृश्य में सबसे दिलचस्प किरदार वह है जो पीछे खड़ा है। सफेद कपड़ों में लिपटा वह योद्धा बिना कुछ बोले ही पूरे माहौल पर हावी है। जब वह तलवार की मूठ पकड़ता है, तो लगता है जैसे वह किसी भी पल हमला कर देगा। छुपा हुआ टायरेंट २ में ऐसे किरदार ही कहानी को आगे बढ़ाते हैं। उसकी आँखों में नायिका के लिए चिंता और दुश्मन के लिए नफरत साफ झलक रही है। बिना डायलॉग के इतना ड्रामा कम ही देखने को मिलता है।
जब नायिका गो का पत्थर रखती है और उससे धुआं निकलता है, तो सीन का माहौल पूरी तरह बदल जाता है। यह सिर्फ एक स्टंट नहीं, बल्कि कहानी में जादू के होने का संकेत है। छुपा हुआ टायरेंट २ की वीएफएक्स टीम ने कम बजट में भी शानदार काम किया है। वह धुआं सिर्फ दृश्य प्रभाव नहीं, बल्कि उस पत्थर में छिपी शक्ति को दर्शाता है। ऐसे छोटे-छोटे विवरण ही किसी शो को साधारण से असाधारण बनाते हैं। देखने में बहुत मजा आ रहा है।
जंजीरों में बंधा वह बूढ़ा साधु हंस रहा है, लेकिन उसकी हंसी में एक अजीब सा डर है। वह जानता है कि वह जीत रहा है या फिर वह नायिका को किसी बड़ी मुसीबत में फंसाने की योजना बना रहा है। छुपा हुआ टायरेंट २ के विलेन हमेशा ऐसे ही रहस्यमयी होते हैं। उसकी सफेद भौंहें और लंबी दाढ़ी उसे एक प्राचीन शक्ति जैसा लुक देती हैं। जब वह पत्थर रखता है, तो लगता है जैसे वह पूरे बोर्ड को नियंत्रित कर रहा हो। यह किरदार बहुत यादगार बनने वाला है।
नायिका के चेहरे पर पसीने की बूंदें और आँखों में एक अलग ही चमक है। वह हार मानने वाली नहीं है, भले ही सामने वाला कितना भी ताकतवर क्यों न हो। छुपा हुआ टायरेंट २ में महिला किरदारों को इतनी मजबूती से दिखाया गया है, यह बहुत अच्छा लगा। वह बार-बार पत्थर रखती है, गलतियां करती है, लेकिन रुकती नहीं है। उसकी यह जिद्द दर्शकों को उसके साथ जोड़े रखती है। ऐसे किरदार ही कहानी की जान होते हैं। उसकी हरकतें देखकर लगता है कि वह कुछ बड़ा करने वाली है।