छुपा हुआ टायरेंट २ के इस सीन में गुफा का सेट डिजाइन वाकई कमाल का है। मोमबत्तियों की रोशनी और पत्थरों की बनावट ने एक रहस्यमयी माहौल बनाया है। सफेद पोशाक वाला पात्र अपनी तलवार के साथ जिस गंभीरता से खड़ा है, वह दर्शकों को बांधे रखता है। लाल वस्त्रों वाली महिला का नृत्य और फिर अचानक बदलता भाव कहानी में एक नया मोड़ लाता है। यह दृश्य दिखाता है कि कैसे एक छोटी सी जगह में इतना बड़ा नाटक रचा जा सकता है।
छुपा हुआ टायरेंट २ में लाल पोशाक पहनी महिला का अभिनय देखकर दाद देनी पड़ती है। शुरू में वह नाचती हुई खुश दिखती है, लेकिन फिर उसका चेहरा दर्द और भ्रम से भर जाता है। उसने अपने सिर को पकड़ लिया, मानो कोई आवाजें सुन रही हो। यह भावनात्मक उतार-चढ़ाव दर्शकों को हैरान कर देता है। उसकी आंखों में आंसू और चेहरे पर भय साफ दिखाई दे रहा था। ऐसा लगता है कि उस पर कोई जादू या शाप का असर हो रहा है।
छुपा हुआ टायरेंट २ के इस एपिसोड में सफेद वस्त्रों वाले युवक और काले वस्त्रों वाली योद्धा के बीच की चुप्पी बहुत कुछ कह जाती है। दोनों के चेहरे पर गंभीरता है, लेकिन उनकी आंखों में एक दूसरे के प्रति अलग-अलग भावनाएं हैं। युवक की तलवार पकड़ने का तरीका और योद्धा की सतर्क मुद्रा बताती है कि वे किसी बड़े खतरे का सामने करने वाले हैं। उनके बीच का यह मौन संवाद दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देता है कि आगे क्या होने वाला है।
छुपा हुआ टायरेंट २ का यह दृश्य भावनाओं से भरपूर है। लाल पोशाक वाली महिला जब नाच रही थी, तो लग रहा था कि वह किसी खुशी के मौके पर है। लेकिन अचानक उसका व्यवहार बदल गया और वह दर्द में चिल्लाने लगी। उसने अपने कानों को पकड़ लिया, मानो कोई तेज आवाज सुन रही हो। यह बदलाव इतना अचानक था कि दर्शक भी हैरान रह गए। उसकी आंखों में आंसू और चेहरे पर भय साफ दिखाई दे रहा था। यह दृश्य दिखाता है कि कैसे एक पात्र के अंदर इतने विरोधाभासी भाव हो सकते हैं।
छुपा हुआ टायरेंट २ की गुफा का सेट वाकई अद्भुत है। ऊपर से लटकते पत्थर और चारों तरफ जलती मोमबत्तियां एक डरावना माहौल बनाती हैं। इस अंधेरी जगह में जब लाल पोशाक वाली महिला नाचती है, तो वह और भी रहस्यमयी लगती है। सफेद पोशाक वाला पात्र और काले वस्त्रों वाली योद्धा इस माहौल में और भी गंभीर लग रहे हैं। यह सेट डिजाइन दर्शकों को कहानी में खींच लेता है और उन्हें लगता है कि वे भी उसी गुफा में मौजूद हैं।