काली शर्ट पहने उस लड़के का गुस्सा साफ दिख रहा था जब वह डॉक्टर से बहस कर रहा था। उसकी उंगली का इशारा और चेहरे का तनाव बता रहा था कि वह कितना परेशान है। बिस्तर पर बैठी लड़की की हालत देखकर गुस्सा आना लाजिमी है। मुझे मत छुओ! अब नहीं लौटना की कहानी में यह टकराव बहुत गहरा है।
बिस्तर पर बैठी वह लड़की नीली धारीदार पाजामा में कितनी मासूम लग रही थी। उसकी आंखों में आंसू और चेहरे पर डर साफ झलक रहा था। जब वह लड़का उसके कंधे पर हाथ रखता है तो वह सहम जाती है। मुझे मत छुओ! अब नहीं लौटना में ऐसे पल इंसान को अंदर तक हिला देते हैं।
सफेद कोट पहने डॉक्टर साहब की आंखों में भी एक अजीब सी बेबसी थी। वह कुछ बोलना चाहते थे लेकिन शायद हालात ने उन्हें चुप रहने पर मजबूर कर दिया। अस्पताल का वह कमरा तनाव से भरा हुआ था। मुझे मत छुओ! अब नहीं लौटना में हर किरदार का दर्द अलग-अलग रंग लिए हुए है।
पीली स्कर्ट और सफेद टॉप में वह महिला रात के अंधेरे में अस्पताल की ओर भागती हुई दिखी। उसकी एड़ियों की आवाज और तेज कदम बता रहे थे कि वह कितनी घबराई हुई है। मुझे मत छुओ! अब नहीं लौटना में यह दृश्य बहुत ही ड्रामेटिक था। उसकी चिंता हवा में तैर रही थी।
दरवाजे की छोटी खिड़की से जब वह सब कुछ देख रही थी, तो लगा जैसे वह दुनिया से कट गई हो। कांच के उस पार का नज़ारा उसके लिए किसी सजा से कम नहीं था। मुझे मत छुओ! अब नहीं लौटना में यह विजुअल बहुत पावरफुल था। उसकी नज़रें सब कुछ कह रही थीं।