बेडरूम से सीधा ऑफिस का सीन कितना शानदार ट्रांजिशन है। वही महिला अब एक पावरफुल बॉस लग रही है। जब असिस्टेंट फाइल देती है और वह उसे खोलती है, तो स्क्रीन पर जो टेंशन दिखती है वह लाजवाब है। मुझे मत छुओ! अब नहीं लौटना में ऐसे मोड़ आते हैं जो सांस रोक देते हैं। फाइल में छिपा राज क्या है, यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है।
महिला के चेहरे पर जो उदासी और चिंता है, वह शब्दों से कहीं ज्यादा गहरी है। जब वह फाइल पढ़ती है तो उसकी उंगलियां कांपती हैं, और आँखों में आंसू छलक आते हैं। मुझे मत छुओ! अब नहीं लौटना ने भावनाओं को इतनी बारीकी से पकड़ा है कि दर्शक खुद को उसकी जगह महसूस करता है। हर फ्रेम में एक कहानी छिपी है।
वह पुरुष क्यों चला गया? क्या वह डर गया या कुछ छिपा रहा है? उसके जाने के बाद महिला की हालत देखकर लगता है कि कुछ गड़बड़ है। मुझे मत छुओ! अब नहीं लौटना में हर किरदार के पीछे एक राज है। उसकी सफेद शर्ट और शांत चेहरा भी झूठ बोल रहा है। अगले एपिसोड का इंतजार नहीं हो रहा।
जब वह फाइल खोलती है, तो कैमरा उसके हाथों पर जूम करता है। कागजों पर लिखे अंक और तारीखें कुछ गंभीर बात बता रही हैं। मुझे मत छुओ! अब नहीं लौटना ने बिना डायलॉग के ही कहानी आगे बढ़ा दी। ऑफिस का माहौल, असिस्टेंट की चुप्पी, और बॉस की घबराहट – सब कुछ एक पहेली है।
एक ही दिन में बिस्तर से ऑफिस तक का सफर कितना नाटकीय है। सुबह की कमजोरी और शाम की ताकत – दोनों चेहरे एक ही व्यक्ति के हैं। मुझे मत छुओ! अब नहीं लौटना ने महिला के द्वंद्व को खूबसूरती से दिखाया है। उसकी साड़ी, गहने और बैठने का तरीका – सब कुछ उसकी नई पहचान बता रहा है।