क्या आपने कभी सोचा है कि कोई नींद के कपड़ों में मीटिंग चला सकता है? यह वीडियो उसी का सबूत है। उस लड़की का एंट्री लेना और सबको हैरान कर देना एकदम फिल्मी अंदाज में है। मुझे मत छुओ। अब नहीं लौटना सीरीज का यह हिस्सा दिखाता है कि पावर ड्रेसिंग नहीं, पावर माइंडसेट मायने रखता है। उसकी स्माइल और कॉन्फिडेंस देखकर लगता है कि अब खेल पलटने वाला है।
टाइम जंप के बाद का यह सीन बहुत ही दमदार है। शहर की भीड़ और फिर अचानक मीटिंग रूम में एंट्री। वह लड़की जो कल तक बिस्तर पर थी, आज सबके सामने खड़ी होकर बात कर रही है। मुझे मत छुओ। अब नहीं लौटना की यह कहानी रिलेशनशिप और पावर डायनामिक्स को नए तरीके से दिखाती है। उसकी आवाज में जो ठहराव है, वह सब कुछ कह रहा है।
जब वह दरवाजा खोलकर अंदर आती है, तो सबकी निगाहें उसी पर टिक जाती हैं। वह लड़का जो मीटिंग चला रहा था, उसका चेहरा देखने लायक है। मुझे मत छुओ। अब नहीं लौटना ड्रामा में ऐसे मोड़ ही तो दर्शकों को बांधे रखते हैं। पाजामा पहने हुए भी वह किसी से कम नहीं लग रही, बल्कि और भी ज्यादा प्रभावशाली लग रही है। यह सीन वाकई यादगार है।
अस्पताल का दृश्य और फिर मीटिंग रूम का दृश्य, दोनों के बीच का कंट्रास्ट बहुत गहरा है। वह लड़की अपनी कमजोरी को अपनी ताकत बनाकर पेश करती है। मुझे मत छुओ। अब नहीं लौटना की यह कहानी हमें सिखाती है कि हालात चाहे कुछ भी हों, हार नहीं माननी चाहिए। उसकी आंखों में जो दृढ़ संकल्प है, वह हर किसी को प्रेरित करता है।
आजकल के कॉर्पोरेट वर्ल्ड में फॉर्मल ड्रेस कोड का बहुत महत्व होता है, लेकिन यह वीडियो उस नियम को तोड़ता है। वह लड़की पाजामा में आकर भी सबका ध्यान खींच लेती है। मुझे मत छुओ। अब नहीं लौटना ड्रामा का यह सीन दिखाता है कि असली पावर आपके कपड़ों में नहीं, आपके विचारों में होती है। उसकी प्रेजेंस ही सब कुछ बदल देती है।