रात के समय सीढ़ियों पर अकेली खड़ी लड़की की उदासी साफ झलक रही थी। शायद उसे भी उस लड़के की परवाह थी, लेकिन परिस्थितियाँ कुछ ऐसी थीं कि वह कुछ नहीं कर सकी। ठुकराकर पछताएगा यह सोचकर कि शायद उसने गलत फैसला लिया हो।
अस्पताल में लड़के का लेटना और लड़की का थर्मस गिरा देना एक गहरे संकेत की तरह था। शायद वह अपने आप को दोष दे रही थी या फिर उसकी नाराजगी अभी भी बाकी थी। ठुकराकर पछताएगा वह पल जब सब कुछ बदल गया।
लाल कार के पास खड़ा लड़का और उसके हाथ में गुलदस्ता, यह दृश्य बहुत ही फिल्मी था। लेकिन लड़की का मुंह फेर लेना दिखाता है कि प्यार सिर्फ दिखावे से नहीं होता। ठुकराकर पछताएगा वह दिन जब अहंकार ने प्यार को हरा दिया।
पीछे खड़े दोस्तों के चेहरे पर हैरानी और निराशा साफ दिख रही थी। वे जानते थे कि यह पल दोनों के लिए कितना महत्वपूर्ण था। ठुकराकर पछताएगा शायद वह लड़का, जो अपने दोस्तों के सामने इतनी बेइज्जती सहन कर गया।
लड़की ने रात में ठंड से बचाने के लिए कम्बल दिया, लेकिन लड़के ने उसे जमीन पर फेंक दिया। यह क्रूरता देखकर गुस्सा आया। प्यार में इतनी बेरुखी कभी-कभी दिल तोड़ देती है। ठुकराकर पछताएगा वह पल जब एक छोटा सा उपहार भी कद्र नहीं पाया।