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जीवन भर का साथवां7एपिसोड

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जीवन भर का साथ

गीता, एक गाँव की सफाई कर्मचारी, को अचानक करोड़ों की लॉटरी लगी। खुश होकर वह अपने बेटे रजत को पैसे देने शहर पहुँची। लेकिन बहू और उसकी माँ ने उसे अपमानित किया। बेटे ने भी उसे ठुकरा दिया और रिश्ता तोड़ दिया। बाद में जब उन्हें पता चला कि गीता ने करोड़ों की लॉटरी जीती थी, तब सबको अपनी गलती का एहसास हुआ। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। गीता की जिंदगी अब बदल चुकी थी।
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इस एपिसोड की समीक्षा

बेटे का अहंकार

बेटे का अहंकार और उसकी नई जिंदगी के प्रति लगाव साफ दिख रहा है। माँ के सामने उसका व्यवहार बेहद निराशाजनक है। जीवन भर का साथ निभाने का वादा शायद उसने भूल ही दिया है। ऐसे सीन्स नेटशॉर्ट ऐप पर देखकर लगता है कि असल जिंदगी में भी ऐसे रिश्ते टूटते हैं।

दूसरी महिलाओं की भूमिका

दूसरी महिलाओं की उपस्थिति और उनका व्यवहार माँ के दर्द को और बढ़ा रहा है। उनकी मुस्कान और अंदाज साफ बता रहे हैं कि वे इस स्थिति का फायदा उठा रही हैं। जीवन भर का साथ निभाने का वादा शायद यहीं धराशायी हो गया। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे ड्रामेटिक सीन्स देखना हमेशा रोमांचक लगता है।

माँ का संघर्ष

माँ का संघर्ष और उसकी आँखों में आँसू देखकर दिल भर आता है। बेटे का व्यवहार और दूसरी महिलाओं की उपस्थिति ने उसे अकेला कर दिया है। जीवन भर का साथ निभाने का वादा शायद यहीं टूट गया लगता है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे इमोशनल सीन्स देखना हमेशा दिलचस्प लगता है।

बेटे की नई जिंदगी

बेटे की नई जिंदगी और उसकी नई पहचान साफ दिख रही है। माँ के सामने उसका व्यवहार बेहद निराशाजनक है। जीवन भर का साथ निभाने का वादा शायद उसने भूल ही दिया है। ऐसे सीन्स नेटशॉर्ट ऐप पर देखकर लगता है कि असल जिंदगी में भी ऐसे रिश्ते टूटते हैं।

माँ की आँखों में उम्मीद

माँ की आँखों में अभी भी उम्मीद है, लेकिन बेटे का व्यवहार उसे तोड़ रहा है। दूसरी महिलाओं की उपस्थिति और उनका व्यवहार माँ के दर्द को और बढ़ा रहा है। जीवन भर का साथ निभाने का वादा शायद यहीं धराशायी हो गया। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे ड्रामेटिक सीन्स देखना हमेशा रोमांचक लगता है।

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