सफेद फर और फूलों वाली साड़ी पहनी वो औरत कितनी घमंडी लग रही थी! उसकी बातों में जहर और चेहरे पर नफरत साफ झलक रही थी। बेचारी वो सादी औरत क्या करे, बस चुपचाप सब सुन रही थी। जीवन भर का साथ निभाने वाले रिश्ते में दरारें पड़ना तय है जब बाहर से ऐसे लोग आकर दखल दें। उस जवान लड़के का चुप रहना भी कुछ कह रहा है।
अंदर कैफे में बैठा वो आदमी सब कुछ देख रहा था। उसकी आँखों में चिंता और चेहरे पर गंभीरता थी। बाहर जो हंगामा हो रहा था, वो उसे साफ दिख रहा था। जब वो दो औरतें झगड़ने लगीं, तो उसका चेहरा और भी सख्त हो गया। जीवन भर का साथ निभाने की कहानी में ये कैफे वाला सीन बहुत अहम लग रहा है। शायद वो ही कोई बड़ा फैसला लेने वाला है।
पहले तो बस बातें हो रही थीं, लेकिन फिर अचानक हाथापाई शुरू हो गई। उस फूलों वाली साड़ी वाली औरत ने उस सादी औरत का हाथ पकड़ लिया। जीवन भर का साथ निभाने वाले रिश्ते में ये हिंसा बिल्कुल नहीं जम रही। वो जवान लड़का बस खड़ा तमाशा देख रहा था। ऐसे में कोई भी औरत अपने आप को असुरक्षित महसूस करेगी। ये ड्रामा बहुत आगे जाने वाला है।
उस सादी औरत के चेहरे पर जो दर्द था, वो शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उसने सब कुछ सहन किया, लेकिन जब बात हाथापाई तक पहुँची, तो उसकी आँखों में आँसू आ गए। जीवन भर का साथ निभाने का वादा करने वाले लोग ही उसे इस हालत में लाए हैं। उस जवान लड़के का उसकी तरफ देखना भी कुछ खास नहीं था। ये कहानी बहुत दर्दनाक मोड़ ले रही है।
जैसे ही वो दो नई औरतें आईं, माहौल बदल गया। एक की चमकती हुई साड़ी और दूसरी की फूलों वाली ड्रेस, दोनों ही उस सादी औरत के लिए मुसीबत बन गईं। जीवन भर का साथ निभाने की कहानी में ये नए किरदार बहुत बड़ी रुकावट हैं। उनकी बातों में नफरत और हरकतों में घमंड साफ दिख रहा था। अब देखना है कि ये कहानी कहाँ जाती है।