इस दृश्य में सफेद पोशाक वाली नायिका की मासूमियत और काले वस्त्र वाले खलनायक की क्रूरता का टकराव देखकर रोंगटे खड़े हो गए। जब उसने जंजीर तोड़ने की कोशिश की, तो लगा जैसे चाँद का कशिश उसे आज़ादी की ओर बुला रहा हो, लेकिन ज़ालिम की धड़कन ने उसे फिर से पिंजरे में कैद कर दिया। उसकी आँखों में डर और उम्मीद का मिश्रण देखकर दिल दहल गया। यह दृश्य सच में दिलचस्प था।