शादी के मंडप में अचानक ऐसा हंगामा किसी ने नहीं सोचा था। दुल्हन की आंखों में आंसू और उस नीली वर्दी वाले अधिकारी की घबराहट देखकर दिल दहल गया। रणभूमि की रानी में ऐसे मोड़ आते हैं जो सांस रोक देते हैं। पुराने जमाने की वेशभूषा और संवाद बहुत दमदार हैं। मैंने नेटशॉर्ट पर कई शो देखे हैं पर यह सबसे अलग लगा। सबके चेहरे पर सन्नाटा था।
उस रहस्यमयी व्यक्ति का प्रवेश जैसे मौत का साया लेकर आया हो। तलवार की नोक पर जब सब खड़े थे, तो लगा कहानी अब बदलेगी। रणभूमि की रानी का हर एपिसोड नया सस्पेंस लाता है। कलाकारों की एक्टिंग ने जान डाल दी है। चेहरे के भाव बता रहे थे कि खतरा पास है। हवा में तनाव साफ महसूस हो रहा था।
दुल्हन का जमीन पर गिरना और फिर रेंगते हुए जाना बहुत दर्दनाक दृश्य था। उसकी चीखें सीधे दिल में उतर गईं। रणभूमि की रानी में भावनाओं को जिस तरह दिखाया गया है, वह काबिले तारीफ है। मैं तो बस देखता रह गया। पत्थर पर घिसटते हुए उसका दर्द साफ दिख रहा था। कोई उसे उठाने नहीं आया।
नीली वर्दी वाला अधिकारी जब भाग रहा था, तो उसकी आंखों में डर साफ दिख रहा था। पीछे दुल्हन और आगे मौत का मंजर। रणभूमि की रानी की कहानी में ऐसा तनाव बना रहता है कि छोड़ नहीं सकते। नेटशॉर्ट पर देखने का मजा ही अलग है। रास्ते में गिरती टोपी भी कहानी कह रही थी। वह लड़खड़ा रहा था।
बूढ़े आदमी का गुस्सा और उसका तेवर देखकर लगता है कि वह कुछ बड़ा छिपा रहे हैं। परिवार के राज और बाहरी दुश्मन का खेल। रणभूमि की रानी में हर किरदार की अपनी अहमियत है। डायलॉग बहुत भारी हैं। उसकी आंखों में नफरत साफ झलक रही थी। उसने जोर से चिल्लाया था।
जब वह काले चोगे वाला शख्स सामने आया, तो सन्नाटा छा गया। उसकी आंखों में एक अलग ही चमक थी। रणभूमि की रानी में विलेन की एंट्री भी धमाकेदार होती है। अब आगे क्या होगा, यह जानने की बेचैनी है। कोहरे में उसकी चलती हुई परछाई डरावनी थी। वह धीरे चल रहा था।
स्कूल यूनिफॉर्म वाली लड़की और बूढ़ी महिला का सहारा देना दिखाता है कि मुसीबत में कौन साथ है। रिश्तों की यह डोर बहुत गहरी है। रणभूमि की रानी में सिर्फ एक्शन नहीं, जज्बात भी हैं। बहुत पसंद आया। उनकी पकड़ मजबूत थी पर डर भी था। वे उसे बचाना चाहती थीं।
लाल लालटेनों के बीच यह खूनी खेल बहुत खौफनाक लग रहा था। सेट डिजाइन और माहौल बिल्कुल असली लगता है। रणभूमि की रानी की प्रोडक्शन क्वालिटी बहुत ऊंची है। हर फ्रेम एक तस्वीर जैसा है। पृष्ठभूमि का संगीत भी रोंगटे खड़े कर देने वाला था। रंग बहुत गहरे थे।
दुल्हन के कपड़ों की सजावट और उसके गहने बहुत सुंदर थे, पर उसकी तकलीफ ने सब फीका कर दिया। खूबसूरती और दर्द का यह मिश्रण अनोखा है। रणभूमि की रानी में विजुअल्स पर खास ध्यान दिया गया है। लाल जोड़े में वह किसी देवी जैसी लग रही थी। पर आंखें रो रही थीं।
अंत में जब उसने मुखौटा उतारा, तो चेहरे पर सख्ती थी। लगता है यह कहानी अभी शुरू हुई है। रणभूमि की रानी का क्लिफहेंजर हमेशा तंग करता है। जल्दी अगला पार्ट देखना चाहता हूं। उसकी तलवार की धार देखकर ही डर लग रहा था। सब स्तब्ध रह गए।