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रणभूमि की रानी

अराजक गणराज्य काल में चन्द्रावती संघ की प्रमुख बबिता राठौड़ विश्वासघात का शिकार होकर भी साहस से उभरती है। राघव मेहता और सोनल चौहान की साज़िशों का सामना करते हुए वह अपने पिता वीरेंद्र सिंह राठौड़ से मिलती है। विक्रम राठौड़ और शत्रु शक्तियों के षड्यंत्रों का पर्दाफाश कर, वह राजेश्वरी देवी के साथ मिलकर चन्द्रावती संघ को पुनर्जीवित करती है और अंततः सेनापति बनकर राष्ट्र की रक्षा करती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

दुल्हन का गुस्सा देखकर डर लग रहा है

इस दृश्य में दुल्हन की आंखों में जो आग है, वह सब कुछ जला सकती है। लाल पोशाक में वह किसी रानी से कम नहीं लग रही हैं। जब वह चिल्लाती हैं, तो लगता है कि पूरा महल कांप गया होगा। रणभूमि की रानी में ऐसे ही जबरदस्त दृश्य देखने को मिलते हैं जो दिल को छू लेते हैं। अभिनय बहुत ही शानदार है और दर्शक इसे बार बार देखना चाहेंगे।

वर्दी वाले की हैरानी देखने लायक है

नीली वर्दी पहने अधिकारी का चेहरा देखकर लगता है कि उसे किसी बड़े धोखे का पता चला है। उसकी आंखें फटी की फटी रह गई हैं। शायद उसे अपनी गलती का अहसास हो रहा है। इस धारावाहिक रणभूमि की रानी में हर किरदार की अपनी एक अलग कहानी है जो दर्शकों को बांधे रखती है। मुझे यह ड्रामा बहुत पसंद आ रहा है और मैं इसे सबको सुझाऊंगा।

हरी साड़ी वाली का घमंड टूटेगा

काले कोट और हरी साड़ी वाली के हाथ में वह अंगूठी किसी चुनौती से कम नहीं लग रही है। उसकी मुस्कान में बहुत सारी चालाकी छिपी है। वह दुल्हन को नीचा दिखाने की कोशिश कर रही है। रणभूमि की रानी की कहानी में ऐसे ट्विस्ट बहुत आते हैं जो सांस रोक देते हैं। किरदार बहुत मजबूत हैं और कहानी आगे बढ़ रही है। सबको यह देखना चाहिए।

बूढ़े आदमी की सत्ता सब पर भारी है

काली टोपी पहने बुजुर्ग की आवाज़ में बहुत वजन है। जब वह उंगली उठाते हैं, तो सब चुप हो जाते हैं। लगता है कि इस घर के फैसले वही करते हैं। उनकी मौजूदगी से पूरे माहौल में गंभीरता आ जाती है। रणभूमि की रानी में यह सीरीज देखने में बहुत रोमांचक लग रही है और कहानी आगे क्या होगी जानने की उत्सुकता है।

लालटेनों वाला माहौल बहुत सुंदर है

पीछे लटक रहे लाल लालटेन और पारंपरिक इमारतें इस दृश्य को बहुत खूबसूरत बना रही हैं। त्योहार का माहौल है लेकिन चेहरों पर तनाव साफ दिख रहा है। यह विरोधाभास बहुत अच्छे से दिखाया गया है। रणभूमि की रानी में सेट डिजाइन पर बहुत मेहनत की गई है। हर फ्रेम एक तस्वीर जैसा लगता है और देखने में मजा आता है।

झगड़ा किस बात पर हो रहा है

सब लोग एक दूसरे को घूर रहे हैं और बातें तेज हो रही हैं। दुल्हन हाथ कमर पर रखकर खड़ी है जो उसकी जिद्द दिखाता है। सामने वाली शांत लेकिन खतरनाक लग रही है। यह टकराव बहुत दिलचस्प है। रणभूमि की रानी में मुझे ऐसे ड्रामा देखना पसंद है जहां भावनाएं साफ दिखाई दें। कहानी बहुत आगे बढ़ रही है और मजा आ रहा है।

गहने और कपड़े बहुत कीमती लग रहे हैं

दुल्हन के सिर का ताज और कानों की बालियां बहुत भारी और सुंदर हैं। वहीं हरी साड़ी वाली के गले में मोती और हाथ में हीरा जड़ा अंगूठी है। कपड़ों से ही पता चलता है कि ये अमीर घराने हैं। रणभूमि की रानी में पोशाकों का चयन बहुत शानदार है। यह दृश्य बहुत भव्य लग रहा है और कलाकारों ने अच्छा प्रदर्शन किया है।

दिल को छू लेने वाला ड्रामा है

जब दुल्हन चिल्लाती है तो लगता है कि उसका दिल टूट गया है। उसकी आवाज़ में दर्द साफ सुनाई दे रहा है। सामने खड़ा अधिकारी कुछ बोल नहीं पा रहा है। यह चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही है। रणभूमि की रानी में ऐसे इमोशनल दृश्य देखकर आंखें नम हो जाती हैं। यह धारावाहिक बहुत गहराई से कहानी बताता है और पसंद आता है।

कहानी में बड़ा ट्विस्ट आने वाला है

लगता है कि शादी के बीच में कोई बड़ा राज खुलने वाला है। सबके चेहरे पर हैरानी और गुस्सा है। कोई कुछ छिपा रहा है और कोई कुछ साबित करने की कोशिश कर रहा है। रणभूमि की रानी की कहानी में ऐसे मोड़ बहुत आते हैं। मैं अगली कड़ी देखने के लिए बेताब हूं। यह ड्रामा बहुत रोमांचक है और बिल्कुल नहीं छोड़ना चाहिए।

अभिनेताओं की एक्टिंग लाजवाब है

हर किरदार ने अपनी भूमिका को बहुत अच्छे से निभाया है। आंखों के इशारों से सब कुछ कह दिया गया है। डायलॉग बिना भी बात समझ आ रही है। यह कलाकारों की मेहनत है। रणभूमि की रानी धारावाहिक इस मंच पर देखकर मुझे बहुत मजा आ रहा है। यह वक्त बर्बाद नहीं होने वाला है और सबको देखना चाहिए। बहुत बढ़िया कंटेंट है।