जब चक का बेटा खिलौना तोड़ता है और नौकरानी पर गुस्सा निकालता है, तो लगता है सब खत्म हो गया। लेकिन जब चक उस ड्राइंग को देखता है जिसमें लिखा है 'पापा मुझे खेल के मैदान में ले गए', तो उसकी आंखें नम हो जाती हैं। यह ड्राइंग सिर्फ कागज नहीं, बल्कि एक पिता के लिए यादों का खजाना है। मेरे अनजान अरबपति पिता में ऐसे ही छोटे-छोटे पल बड़े इमोशनल ट्विस्ट लाते हैं। नौकरानी की चुप्पी और चक की पत्नी की बेरुखी भी कहानी को गहराई देती हैं।