मेरे अनजान अरबपति पिता में दिखाया गया है कि कैसे एक व्यस्त पिता अपनी बेटी की उपलब्धियों को नजरअंदाज कर देता है। जब बेटी अपने टेस्ट पेपर को दिखाती है, तो वह फोन पर बात करने में व्यस्त होता है। बाद में, जब बेटी बीमार पड़ती है, तो उसे अपनी गलती का एहसास होता है। यह कहानी भावनात्मक रूप से बहुत प्रभावशाली है और दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देती है।