अस्पताल के ठंडे गलियारे में खड़ी यह बहस दिल को छू लेती है। पुरुष का गुस्सा और महिला की आंखों में छिपा दर्द साफ दिख रहा है। जैसे-जैसे बात बढ़ती गई, माहौल में तनाव बढ़ता गया। मेरे अनजान अरबपति पिता जैसे ड्रामे में ऐसे सीन देखकर लगता है कि रिश्तों की डोर कितनी नाजुक होती है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे इमोशनल सीन्स देखना एक अलग ही अनुभव है।