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पहाड़ से उतरा खोदने कुआँवां8एपिसोड

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पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ

प्रेत घाटी के शिष्य आदित्य सिंह पहाड़ से उतरकर नौ कुएँ खोदने और सूखा मिटाने का जिम्मा संभालता है। रास्ते में वह अमीर लड़की प्रिया कपूर और शर्मा समूह की मालिक तारा शर्मा से मिलता है, गलती से तारा का अंगरक्षक बन जाता है। तारा की सहेली नीलिमा सिंह भी उसे परखती है। आदित्य अपनी ताकत छुपाते हुए पानी के स्रोत ढूंढता है और अपने मिशन पर डटा रहता है। क्या वह अपना लक्ष्य पूरा कर पाएगा? और उसकी जिंदगी में सच्चा प्यार कौन बनकर आएगा?
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इस एपिसोड की समीक्षा

खतरनाक सफर की शुरुआत

इस शो में कार्रवाई बहुत तेज है। जब वह ट्रक चला रहा था तो लगा कि कुछ बड़ा होने वाला है। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ नामक इस धारावाहिक में हर दृश्य में सस्पेंस बना हुआ है। दुश्मनों का पीछा करना और फिर अचानक दुर्घटना होना बहुत नाटकीय था। मुझे यह कहानी बहुत पसंद आई। नेटशॉर्ट पर देखने का अनुभव भी काफी अच्छा रहा है। सब कुछ बहुत स्पष्ट था। कैमरे की पकड़ भी शानदार थी।

कमरे में तनावपूर्ण माहौल

जब वह सोफे पर होश में आया तो माहौल बहुत अजीब था। दोनों महिलाएं उसके सामने खड़ी थीं और बातें कर रही थीं। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ की कहानी में यह मोड़ बहुत दिलचस्प है। काले कपड़े वाली लड़की का गुस्सा और गुलाबी साड़ी वाली की चिंता साफ दिख रही थी। आगे क्या होगा यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। कृपया जल्दी अपडेट करें। कमरे की सजावट भी सुंदर थी।

खलनायक की हंसी भयानक थी

उस गंजे व्यक्ति की हंसी ने रोंगटे खड़े कर दिए। वह जानता था कि कुछ गड़बड़ होने वाली है। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ में विलेन का किरदार बहुत प्रभावशाली है। जब वे भाग रहे थे तो पीछे लोगों का आना बहुत रोमांचक लगा। ऐसे दृश्य दर्शकों को बांधे रखते हैं। मुझे यह शैली बहुत पसंद है। अभिनय भी बहुत प्राकृतिक लग रहा था। संगीत भी जोश बढ़ा रहा था।

फैशन और स्टाइल का तड़का

दोनों लड़कियों के कपड़े बहुत शानदार थे। एक की काली पोशाक और दूसरी की चमकदार गाउन ने शो को खूबसूरत बना दिया। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ में दृश्यों पर बहुत ध्यान दिया गया है। जब वे ट्रक में बैठे थे तो भी उनका अंदाज कायम था। नेटशॉर्ट पर ऐसे अच्छे शो देखना सुकून देता है। रंगों का चुनाव भी बहुत सही था। श्रृंगार भी बहुत अच्छा लगा।

नायक की बेहोशी का रहस्य

दुर्घटना के बाद वह बेहोश हो गया था। जब आंख खुली तो उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ की पटकथा में यह उलझन बहुत अच्छे से दिखाया गया है। सिर पर पट्टी और हैरान चेहरा देखकर लगा कि उसे भूलने की बीमारी हो गई है। आगे की कहानी में यह कैसे सुलझेगा देखना बाकी है। मुझे यह पहेली सुलझानी है। धैर्य बनाए रखना होगा।

भागने का रोमांचक दृश्य

ट्रक लेकर भागना बहुत तेज दृश्य था। पीछे लोग दौड़ रहे थे और आगे रास्ता कठिन था। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ में कार्रवाई के दृश्य बहुत अच्छे हैं। ड्राइवर की घबराहट और पीछे बैठे लोगों की चिंता साफ झलक रही थी। ऐसे दृश्य बार बार देखने को मन करता है। नेटशॉर्ट की प्रणाली भी बहुत सरल है। सब कुछ आसान था। गति बहुत तेज थी।

संवादों में छिपी कहानी

कमरे में हुई बातचीत से लग रहा था कि कुछ छुपाया जा रहा है। काली पोशाक वाली लड़की सवाल पूछ रही थी। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ के संवाद बहुत भारी हैं। हर शब्द में मतलब छिपा हुआ है। नायक चुपचाप सब सुन रहा था। यह चुप्पी शोर से ज्यादा बोल रही थी। मुझे यह मानसिक खेल पसंद आया। बहुत गहराई थी इसमें। संवाद बहुत मजबूत थे।

लोकेशन का बेहतरीन चयन

बाहर के दृश्य जंगल जैसे लग रहे थे और अंदर का कमरा बहुत लग्जरी था। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ में जगह का अंतर बहुत अच्छा है। गंदी सड़क से सीधे महंगे सोफे तक का सफर दिखाया गया है। यह बदलाव कहानी में गति लाता है। नेटशॉर्ट पर ऐसे दिखने में आकर्षक शो मिलना दुर्लभ है। मंच सजावट बहुत अच्छी थी। रोशनी का प्रबंध भी ठीक था।

रिश्तों की उलझन

तीनों के बीच का रिश्ता बहुत पेचीदा लग रहा है। दोनों महिलाएं नायक को लेकर चिंतित हैं लेकिन तरीका अलग है। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ में किरदारों के बीच का मेलजोल देखने लायक है। कौन दोस्त है और कौन दुश्मन यह अभी साफ नहीं है। यह अनिश्चितता दर्शकों को जोड़े रखती है। मुझे अगली कड़ी चाहिए। रहस्य बना हुआ है।

अंत में बड़ा ट्विस्ट

जब वह होश में आया तो सब कुछ बदल चुका था। यह अचानक बदलाव बहुत चौंकाने वाला था। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ की हर कड़ी नया आश्चर्य देती है। नेटशॉर्ट पर लगातार देखने का मन करता है। कहानी में दम है और अभिनय भी बेहतरीन है। मैं अगला भाग देखने का इंतजार नहीं कर सकता। सब बहुत अच्छा था। अंत का इंतजार है।