लाल पोशाक वाली की आंखों में एक अलग ही चमक है। जब वह काली चमकदार पोशाक वाली सहेली के साथ चलती है, तो लगता है कि कोई बड़ी साजिश रची जा रही है। होटल के लॉबी में उनका अंदाज देखकर ही समझ आ जाता है कि असली ताकत किसके पास है। इस श्रृंखला पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ में हर किरदार की बॉडी लैंग्वेज बहुत गहरी है। मुझे यह देखकर मजा आ रहा है कि कैसे एक छोटी सी मुलाकात बड़े तूफान का संकेत देती है और दर्शक को बांधे रखती है। यह बहुत रोमांचक लग रहा है।
काली वैन से उतरते ही माहौल बदल गया। सफेद फर कोट वाली का प्रवेश किसी राजकुमारी से कम नहीं था। पीछे खड़ा सामान उठाने वाला सामान संभाल रहा था, जो उनकी हैसियत बता रहा था। लॉबी में बैठे लोगों की नजरें उन्हें घूर रही थीं। इस ड्रामे पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ की कहानी में यह एंट्री दृश्य बहुत ही धमाकेदार था। लगता है अब असली खेल शुरू होने वाला है और सभी की नींद उड़ने वाली है। यह दृश्य बहुत ही शानदार और भव्य था।
दो समूहों के बीच की खामोशी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी। जब लाल साड़ी वाली ने अपनी बांहें मोड़ लीं, तो समझ गया कि वह किसी से खुश नहीं है। सामने वाली टीम भी कम नहीं थी, उनके चेहरे पर भी वही घमंड साफ दिख रहा था। इस ड्रामे पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ में बिना संवाद के ही इतना तनाव उत्पन्न करना काबिले तारीफ है। दर्शक के रूप में मैं बस यह देखना चाहता हूं कि पहली चिंगारी कहां से निकलेगी और कौन जीतेगा। यह बहुत रोमांचक है।
सामान की ढेर सारी सूटकेस देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह कोई साधारण यात्रा नहीं है। सामान उठाने वाला थका हुआ लग रहा था लेकिन सफेद फर कोट वाली बिल्कुल तरोताजा थीं। यह वर्ग अंतर बहुत साफ झलक रहा था स्क्रीन पर। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ में ऐसे छोटे-छोटे विवरण को दिखाना निर्देशक की समझ को बताता है। मुझे यह यथार्थवादी दृष्टिकोण बहुत पसंद आ रहा है क्योंकि यह हमारे आसपास की दुनिया जैसी लगती है और सच्ची लगती है।
सोफे पर बैठे लोग क्या सोच रहे होंगे? उनकी आंखों में जिज्ञासा और थोड़ी जलन दोनों साफ दिख रही थी। जब नए मेहमान आए, तो सबकी सांसें रुक सी गईं। यह सामाजिक चक्र की राजनीति बहुत दिलचस्प लग रही है। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ की पटकथा में यह सामाजिक गतिशीलता बहुत अच्छे से पकड़े गए हैं। मुझे लगता है कि आगे चलकर इन सभी के बीच बड़े खुलासे होने वाले हैं जो सबको हिला देंगे और हैरान कर देंगे।
कपड़ों का चयन हर किरदार की व्यक्तित्व को बयां कर रहा था। काली चमकदार पोशाक वाली बहुत बोल्ड लग रही थीं, जबकि लाल वाली क्लासिक और शांत। सफेद फर कोट वाली का लुक सबसे ज्यादा आकर्षक था। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ में वेशभूषा डिजाइनर ने कमाल कर दिया है। हर फ्रेम एक फैशन पत्रिका के कवर पेज जैसा लग रहा था। दृश्य दावत के लिए यह शो जरूर देखना चाहिए क्योंकि यह बहुत सुंदर और आकर्षक है।
लग रहा था कि सब कुछ ठीक चल रहा है, लेकिन फिर वह वैन आती है। प्रवेश के साथ ही कहानी में एक नया मोड़ आ गया है। पुराने समूह और नए समूह के बीच की टकराहट अपरिहार्य लग रही है। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ की रफ्तार बहुत संतुलित है, न बहुत तेज न बहुत धीमी। मुझे यह पसंद है कि कैसे धीरे-धीरे तनाव बनाया जा रहा है ताकि चरम सीमा और भी धमाकेदार हो और दर्शक जुड़े रहें।
अभिनेत्रियों के चेहरे के भाव देखने लायक हैं। बिना कुछ बोले ही वे अपनी नफरत या पसंद जाहिर कर देती हैं। खासकर लाल पोशाक वाली की मुस्कान में एक चालाकी छिपी हुई थी। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ के कलाकारों ने बिना संवाद के भी दृश्य को जीवंत कर दिया है। यह अभिनय कौशल को दर्शाता है कि वे कितने अनुभवी हैं। मुझे उम्मीद है कि आगे की कड़ियों में उनके संवाद भी उतने ही दमदार होंगे और मजेदार होंगे।
होटल का लॉबी बहुत ही शानदार और आलीशान दिखाया गया है। फर्श की चमक और पीछे की सजावट सब कुछ अमीरी का प्रतीक है। इस सेटिंग में कहानी होना इसे और भी ग्लैमरस बना रहा है। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ का निर्माण मूल्य बहुत उच्च स्तर का लग रहा है। ऐसे माहौल में होने वाली लड़ाई और भी दिलचस्प हो जाती है क्योंकि दांव बहुत ऊंचे हैं और खतरा भी ज्यादा है। यह बहुत भव्य लग रहा है।
कुल मिलाकर यह शो एक अलग ही स्तर का मनोरंजन दे रहा है। हर दृश्य में कुछ न कुछ नया देखने को मिल रहा है। किरदारों के बीच के रिश्ते बहुत पेचीदा लग रहे हैं। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ को देखकर मैं बस यही कह सकता हूं कि यह समय की सबसे बेहतरीन श्रृंखला हो सकती है। इसे देखने का अनुभव बहुत ही सुचारू और मजेदार रहा है और मैं आगे का इंतजार कर रहा हूं। यह शानदार है।