हरे चमड़े का कोट पहने शख्स की एंट्री ने पूरे माहौल को बदल दिया। उसकी अकड़ और घमंड देखकर बहुत गुस्सा आता है। सफेद कमीज वाला शांत बैठा है पर उसकी आंखों में आग है। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ कहानी में यह नया मोड़ बहुत जरूरी था। फर कोट वाली का साथ देना सबसे अच्छा लगा। नेटशॉर्ट पर ऐसे वीडियो देखना मजेदार है।
गाड़ी से उतरते ही उसने अपनी ताकत दिखाई। बंदूक तानना बिल्कुल सही नहीं लगा मुझे। पर जब फर कोट वाली ने उसका हाथ थामा तो लगा अब पलड़ा पलटेगा। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ की कहानी में यह मोड़ बहुत जरूरी था। बुजुर्ग आदमी की बेबसी दिल को छू गई। वीडियो की क्वालिटी भी काफी अच्छी है।
खुले मैदान में यह मुठभेड़ बहुत खतरनाक लग रही थी। हरे कोट वाले को लगता है वह सब कुछ खरीद सकता है। पर मिट्टी से जुड़े लोग इतनी आसानी से नहीं झुकते। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ सीरीज का यह एपिसोड बहुत रोमांचक है। नौजवान ने कुदाल उठाई तो लगा अब वह लड़ेगा।
फर कोट वाली का व्यवहार सबसे बेहतरीन था। मुश्किल वक्त में वह नहीं डरी। उसने साफ कर दिया कि वह किसका साथ देगी। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ में ऐसे किरदार ही जान डालते हैं। विपक्षी के गुंडे पीछे खड़े थे पर असली डर किसी को नहीं था। एक्टिंग बहुत नेचुरल लगी मुझे।
महंगी गाड़ी और सादी कमीज का कंट्रास्ट साफ दिख रहा है। अमीर आदमी अपनी ताकत दिखा रहा है। पर इज्जत पैसे से नहीं मिलती। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ कहानी यही सिखाती है। बुजुर्ग व्यक्ति की बात कोई नहीं सुन रहा था। अब देखना है आगे क्या होता है।
जब सफेद कमीज वाला खड़ा हुआ तो सीन ही बदल गया। पहले वह जमीन पर बैठा था। अब वह सामने खड़ा है। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ ड्रामे में यह टर्निंग पॉइंट है। फर कोट वाली ने उसका हाथ थामकर हिम्मत बढ़ाई। ऐसे पल बार बार देखने को मिलते हैं।
बंदूक दिखाकर डराना कायरता है। हरे कोट वाले को लगता है वह हीरो है। पर असली हीरो तो वह है जो डरता नहीं है। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ में यह संदेश बहुत मजबूत है। फर कोट वाली की सादगी और हिम्मत दोनों देखने लायक हैं। वीडियो बहुत अच्छा बना है।
शायद यह जमीन को लेकर झगड़ा है। बुजुर्ग आदमी बीच में पड़ा है। हरे कोट वाला जबरदस्ती करना चाहता है। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ की पटकथा बहुत मजबूत है। नौजवान ने कुदाल पकड़ी तो लगा अब वह हक मांगेगा। नेटशॉर्ट ऐप पर यह सीरीज हिट है।
मुश्किल वक्त में कौन साथ खड़ा होता है यह जरूरी है। फर कोट वाली ने बिना डरे साथ दिया। हरे कोट वाले की धमकी काम नहीं आई। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ में रिश्तों की अहमियत दिखाई गई है। बैकग्राउंड में पेड़ और खुली जगह सही लग रही थी।
यह क्लाइमेक्स की शुरुआत लगती है। दोनों तरफ ताकत है पर इरादे अलग हैं। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ का अगला एपिसोड देखने को उत्सुक हूं। नौजवान की आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा था। ऐसे ड्रामे देखने में बहुत मजा आता है।