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पहाड़ से उतरा खोदने कुआँवां7एपिसोड

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पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ

प्रेत घाटी के शिष्य आदित्य सिंह पहाड़ से उतरकर नौ कुएँ खोदने और सूखा मिटाने का जिम्मा संभालता है। रास्ते में वह अमीर लड़की प्रिया कपूर और शर्मा समूह की मालिक तारा शर्मा से मिलता है, गलती से तारा का अंगरक्षक बन जाता है। तारा की सहेली नीलिमा सिंह भी उसे परखती है। आदित्य अपनी ताकत छुपाते हुए पानी के स्रोत ढूंढता है और अपने मिशन पर डटा रहता है। क्या वह अपना लक्ष्य पूरा कर पाएगा? और उसकी जिंदगी में सच्चा प्यार कौन बनकर आएगा?
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इस एपिसोड की समीक्षा

शुरुआती दर्द और अंत का गुस्सा

शुरुआत में लगा सफेद कमीज वाला बेचारा है, पर अंत में पलटवार देख दंग रह गए। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ की कहानी में ऐसा ट्विस्ट नहीं देखा था। बाइक वाली का अंदाज भी कमाल का था। जमीन पर दर्द का नाटक असली लगा। फिर अचानक बदलाव ने सबको चौंका दिया। कहानी बहुत दिलचस्प है। हर किरदार ने जान डाल दी है। देखने में मजा आया। बहुत बढ़िया लगा।

हरे कोट वाले की करामात

हरे कोट वाले की हंसी अब भी कानों में गूंज रही है, पर उसकी बेइज्जती होते देख मजा आया। इस शो में हर किरदार ने जान डाल दी है। जमीन पर लेटा सफेद कमीज वाला कैसे उठा ये देखना ही रोमांचक था। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ में ड्रामा ऐसे ही होना चाहिए। जब उसने थप्पड़ मारा तो दृश्य ही बदल गया। सबकी बोलती बंद हो गई। एक्टिंग बहुत दमदार लगी। सबको पसंद आएगा।

खामोशी का शोर

सफेद फर कोट वाली की खामोशी भी शोर मचा रही थी। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ में ड्रामा ऐसे ही होना चाहिए। जब उसने थप्पड़ मारा तो दृश्य ही बदल गया। लाल बाइक और काले कपड़े का संयोजन बहुत जंचा। शुरू में दर्द का अभिनय इतना असली लगा कि दिल दहल गया। फिर अचानक बदलाव ने सबको चौंका दिया। माहौल में तनाव था। हर फ्रेम में कुछ नया है। देखने लायक है।

कॉमेडी और एक्शन का मेल

लाल बाइक और काले कपड़े का संयोजन बहुत जंचा। शुरू में दर्द का अभिनय इतना असली लगा कि दिल दहल गया। फिर अचानक बदलाव ने सबको चौंका दिया। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ की टीम ने कॉमेडी और साहसिक का सही मिश्रण बनाया है। कुदाल लेकर भागना वाला दृश्य धमाका है। बूढ़े व्यक्ति का आखिरी एक्सप्रेशन देखकर हंसी नहीं रुक रही थी। सबको पसंद आएगा। बहुत बढ़िया लगा।

बूढ़े व्यक्ति का रिएक्शन

बूढ़े व्यक्ति का आखिरी एक्सप्रेशन देखकर हंसी नहीं रुक रही थी। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ की टीम ने कॉमेडी और साहसिक का सही मिश्रण बनाया है। कुदाल लेकर भागना वाला दृश्य धमाका है। तीन पहिया वाहन वाला दृश्य बहुत अनोखा लगा। शहर के अमीर लोग गांव के सफेद कमीज वाले को हल्का समझ रहे थे। पर अंत में सबकी बोलती बंद हो गई। कहानी बहुत दिलचस्प है। देखने लायक है। मजा आ गया।

तीन पहिया वाहन वाला सीन

तीन पहिया वाहन वाला दृश्य बहुत अनोखा लगा। शहर के अमीर लोग गांव के सफेद कमीज वाले को हल्का समझ रहे थे। पर अंत में सबकी बोलती बंद हो गई। कहानी बहुत दिलचस्प है। जमीन पर लेटे सफेद कमीज वाले की आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा था। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ में इमोशनल दृश्य बहुत गहरे हैं। जब वो खड़ा हुआ तो लग रहा था अब कुछ बड़ा होने वाला है। सबने तालियां बजाई। बहुत पसंद आया।

आंखों का गुस्सा

जमीन पर लेटे सफेद कमीज वाले की आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा था। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ में इमोशनल दृश्य बहुत गहरे हैं। जब वो खड़ा हुआ तो लग रहा था अब कुछ बड़ा होने वाला है। हरे कोट वाले को लगा वो बहुत ताकतवर है, पर एक थप्पड़ में सब खत्म। काले कोट वाली ने भी अपनी ताकत दिखा दी। ऐसे दृश्य बार बार देखने को जी करता है। माहौल में तनाव इतना था कि सांस रुक सी गई थी।

ताकतवर का अंत

हरे कोट वाले को लगा वो बहुत ताकतवर है, पर एक थप्पड़ में सब खत्म। काले कोट वाली ने भी अपनी ताकत दिखा दी। ऐसे दृश्य बार बार देखने को जी करता है। माहौल में तनाव इतना था कि सांस रुक सी गई थी। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ की वजह से आज का दिन बन गया। हर फ्रेम में कुछ नया देखने को मिला। आखिर में सब भागते हुए देखकर संतोष मिला। गरीब सफेद कमीज वाला कैसे अमीरों को सबक सिखाता है ये देखना जरूरी है।

तनाव भरा माहौल

माहौल में तनाव इतना था कि सांस रुक सी गई थी। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ की वजह से आज का दिन बन गया। हर फ्रेम में कुछ नया देखने को मिला। आखिर में सब भागते हुए देखकर संतोष मिला। गरीब सफेद कमीज वाला कैसे अमीरों को सबक सिखाता है ये देखना जरूरी है। एक्टिंग और डायलॉग सब बहुत दमदार हैं। शुरुआत में लगा सफेद कमीज वाला बेचारा है, पर अंत में पलटवार देख दंग रह गए। बाइक वाली का अंदाज भी कमाल का था। जमीन पर दर्द का नाटक असली लगा।

संतोषजनक अंत

आखिर में सब भागते हुए देखकर संतोष मिला। गरीब सफेद कमीज वाला कैसे अमीरों को सबक सिखाता है ये देखना जरूरी है। एक्टिंग और डायलॉग सब बहुत दमदार हैं। हरे कोट वाले की हंसी अब भी कानों में गूंज रही है, पर उसकी बेइज्जती होते देख मजा आया। इस शो में हर किरदार ने जान डाल दी है। जमीन पर लेटा सफेद कमीज वाला कैसे उठा ये देखना ही रोमांचक था। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ में ड्रामा ऐसे ही होना चाहिए। जब उसने थप्पड़ मारा तो दृश्य ही बदल गया।