शुरुआत में ही रूह कंपा देने वाला दृश्य है जब माँ अपने बीमार बच्चे को पानी पिलाने की कोशिश करती है। पुनर्जन्मी महारानी की वापसी में दिखाया गया संघर्ष दिल को छू लेता है। टूटे हुए कमरे और जाले लगी खिड़कियां उसकी गिरावत को बयां करती हैं। नेटशॉर्ट पर यह एनिमेशन देखकर लगा कि कहानी में गहराई है। आंखों में आंसू और गुस्सा दोनों साफ दिख रहे थे। बहुत ही शानदार शुरुआत है जो आगे क्या होगा इसकी उम्मीद बढ़ाती है। देखने वाले को बांधे रखने की ताकत है इसमें।
जब उसकी आंखें अचानक आग की तरह जलने लगीं तो मैं हैरान रह गया। यह शक्ति कहाँ से आई? पुनर्जन्मी महारानी की वापसी की कहानी में जादू और बदले का मिश्रण बहुत अच्छा है। नीले रंग का रोबोट अचानक आता है और होलोग्राम दिखाता है। यह विज्ञान और प्राचीन काल का अनोखा संगम है। सम्राट और दूसरी रानी की तस्वीर देखकर उसका गुस्सा साफ झलकता है। ऐसा लगता है कि अब वह चुप नहीं बैठेगी। रोमांचक मोड़ है यह।
दस साल पहले का फ्लैशबैक देखकर सब कुछ स्पष्ट हो गया। सम्राट का व्यवहार उस समय बहुत कठोर लग रहा था। पुनर्जन्मी महारानी की वापसी में समय के अंतर को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। पीले वस्त्र पहने सम्राट और सजी धजी रानी का दृश्य विरोधाभास पैदा करता है। आज की तबाह हालत और उस समय की शान में जमीन आसमान का फर्क है। यह परिवर्तन दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देता है कि आखिर हुआ क्या था।
मिट्टी के कप को हाथ में पीसकर उसने अपने गुस्से का इजहार किया। खून बह रहा था पर उसे दर्द का अहसास नहीं था। पुनर्जन्मी महारानी की वापसी में यह दृश्य सबसे शक्तिशाली था। उसका संकल्प अब पत्थर की लकीर बन चुका है। कमरे में धूल और टूटे हुए सामान उसके टूटे हुए सपनों जैसे लग रहे थे। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे दृश्य देखना एक अलग ही अनुभव है। वह अब सिर्फ जीवित नहीं रहना चाहती बल्कि राज करना चाहती है।
बच्चे की हालत देखकर कोई भी भावुक हो जाएगा। आंखों से आंसू और होठों पर दरारें उसकी प्यास बता रही थीं। पुनर्जन्मी महारानी की वापसी में माँ का दर्द बहुत गहराई से दिखाया गया है। वह खुद भूखी हो सकती है पर बच्चे को बचाना चाहती है। यह निस्वार्थ प्रेम हर किसी को रुला देता है। जब वह रोती है तो लगता है जैसे पूरी दुनिया रो पड़ी हो। ऐसे पात्र कहानी की जान होते हैं जो दर्शकों के दिल में जगह बना लेते हैं।