सम्राट की आँखों में आँसू देखकर दिल दहल गया। पुनर्जन्मी महारानी की वापसी में भावनाओं को बहुत गहराई से दिखाया गया है। पीला पोशाक पहने व्यक्ति का दर्द साफ झलक रहा है। ऐसा लगता है जैसे उसे अपनी गलतियों का अहसास हो रहा हो। यह दृश्य बहुत ही भावुक कर देने वाला है। उसकी आँखों में पछतावा साफ दिखाई दे रहा था। दर्शक के रूप में मैं भी उस दर्द को महसूस कर पाई। यह कहानी बहुत गहरी है।
सफेद पोशाक वाली महिला की हंसी ने रोंगटे खड़े कर दिए। पुनर्जन्मी महारानी की वापसी में यह पात्र बहुत रहस्यमयी लग रहा है। वह रो भी रही है और हंस भी रही है। इसका मतलब है कि उसके अंदर बहुत सारा गुस्सा और दर्द छिपा है। बहुत ही शानदार अभिनय है। उसकी आँखों में आँसू और मुस्कान दोनों थे। यह विरोधाभास बहुत ही खूबसूरती से दिखाया गया है। मुझे यह पसंद आया।
लाल पोशाक वाली रानी को थप्पड़ मारने का दृश्य बहुत संतोषजनक था। पुनर्जन्मी महारानी की वापसी में बदले की भावना साफ दिखाई देती है। उसका गुस्सा और इशारा सब कुछ बता रहा है। अब सफेद पोशाक वाली महिला चुप नहीं बैठेगी। यह कहानी बहुत रोमांचक हो गई है। उस थप्पड़ की आवाज़ भी महसूस हुई। सत्ता के नशे में चूर रानी को सबक मिलना चाहिए था। बहुत अच्छा लगा।
नन्हे बच्चे को रोते हुए देखकर बहुत बुरा लगा। पुनर्जन्मी महारानी की वापसी में बच्चों को भी इस राजनीति में ढकेल दिया गया है। उसकी आँखों में डर साफ दिखाई दे रहा है। वयस्कों की लड़ाई का असर मासूमों पर क्यों पड़ता है? यह सवाल दिल को चुभ गया। बच्चे की मासूमियत देखकर रोना आ गया। उसे इस सब में नहीं लाना चाहिए था। दिल दुखा।
महल की दीवारें और लाल रंग का वातावरण बहुत खूबसूरत है। पुनर्जन्मी महारानी की वापसी का दृश्य निर्माण लाजवाब है। हर पात्र की पोशाक में बारीकियां हैं। रंगों का इस्तेमाल कहानी की भावना को बढ़ाता है। देखने में यह एक कलाकृति लगती है। बहुत ही शानदार प्रस्तुति है। पृष्ठभूमि में पेड़ और इमारतें भी बहुत सुंदर हैं। हर दृश्य को देखने में मजा आता है। रंगों का खेल देखने लायक है।