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पुनर्जन्मी महारानी की वापसीवां36एपिसोड

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पुनर्जन्मी महारानी की वापसी

सिया राठौड़ प्राचीन संसार से लौटकर जानती है कि उसका पुत्र आर्यवीर सिंह दस वर्ष बाद पितृहत्याकर सिंहासन हड़प लेगा, जिससे लोक-विनाश होगा। प्रणाली के प्रस्ताव पर वह पुनर्जीवन अमृत लेकर पुनर्जीवित होती है। षड्यंत्रों का सामना करते हुए वह आर्यवर्त साम्राज्य को बचाने, आदित्य सिंह को संभालने और अपने पुत्र की रक्षा करने का संकल्प लेती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

बच्चे की हिम्मत ने रुला दिया

इस एनिमेशन शैली में बच्चे की हिम्मत देखकर रोंगटे खड़े हो गए। छोटे हाथों में खंजर और आँखों में आँसू, यह दृश्य दिल को चीर गया। पुनर्जन्मी महारानी की वापसी ने भावनाओं की गहराई को बहुत खूबसूरती से दिखाया है। हर फ्रेम में दर्द साफ झलकता है। बच्चे की आवाज में जो कंपन था वह असली लगा। दर्शक के रूप में मैं हैरान रह गई।

सम्राट की लाचारी देखकर दुख हुआ

सम्राट का जमीन पर रेंगना और बच्चे के लिए गिड़गिड़ाना सत्ता की व्यर्थता दिखाता है। ताज पहनकर भी वह लाचार हैं। इस शो में शक्ति संतुलन बहुत दिलचस्प हैं। नेटशॉर्ट मंच पर देखने का अनुभव शानदार रहा। पीली पोशाक में सम्राट की हालत देखकर बुरा लगा। यह दृश्य बहुत प्रभावशाली था। सबकी सांसें थम गई थीं।

बुजुर्ग महिला का खौफनाक रूप

बुजुर्ग महिला के हाथ में सुनहरा तख्त और चेहरे पर सख्ती। वह सारी ताकत अपने हाथ में रखती हैं। लेकिन बच्चे के इरादे के आगे सब फीके हैं। पुनर्जन्मी महारानी की वापसी की कहानी में यह मोड़ बहुत चौंकाने वाला था। नीली पोशाक वाली महिला बहुत डरावनी लग रही थीं। उनका अभिनय लाजवाब था। चेहरे के भाव बहुत गहरे थे।

मां का त्याग देखकर आँखें नम हो गईं

सफेद पोशाक वाली महिला के मुंह से खून बह रहा है फिर भी वह बच्चे के पीछे खड़ी है। मामता का यह रूप देखकर आँखें नम हो गईं। दृश्य की गुणवत्ता बहुत उच्च स्तर की है। हर बारीकियों पर ध्यान दिया गया है। खून की बूंदें बहुत वास्तविक लग रही थीं। कलाकारों ने जान डाल दी है। यह दृश्य कभी नहीं भूलूंगी।

सैनिकों के बीच अकेला योद्धा

सिपाहियों के बीच अकेला खड़ा बच्चा कितना निडर लग रहा है। पीछे लाल दीवारें और सामने मौत का खतरा। पुनर्जन्मी महारानी की वापसी में ऐसे दृश्य बार-बार देखने को मिलते हैं। कहानी और कार्रवाई का उत्कृष्ट मिश्रण है। भाले लिए सैनिकों का घेरा बहुत तनावपूर्ण था। सांस रुकने वाला पल था। हर कोई स्तब्ध था।

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