लॉकर रूम का सीन देखकर रोंगटे खड़े हो गए। कोच का गुस्सा और फिर उस सफेद बालों वाले खिलाड़ी का शांत लेकिन दृढ़ चेहरा। जब वह अपनी जर्सी नंबर १० को पकड़ता है, तो लगता है जैसे वह किसी बड़े संकल्प को दोहरा रहा हो। पंचदीपा की फुटबॉल टीम की कहानी में यह मोड़ बहुत ही दमदार है। एनिमेशन स्टाइल भी इतना रियलिस्टिक है कि लगता है सच में मैच चल रहा हो।
महिला के हाथ में फोन और ट्विटर पर चल रही खबरें। वह शांत दिख रही है, लेकिन उसकी आंखें सब कुछ बता रही हैं। अस्पताल का माहौल, मॉनिटर की आवाज, और फिर वह लड़का जो रिमोट पकड़े टीवी देख रहा है। पंचदीपा की फुटबॉल टीम ने दिखाया कि कैसे बाहर की दुनिया में जश्न मनाया जा रहा है, जबकि अंदर एक युद्ध चल रहा है। यह कंट्रास्ट बहुत ही दिल को छू लेने वाला है।
जब वह लड़का अपनी जर्सी नंबर १० को देखता है, तो लगता है जैसे वह अपने अतीत से बात कर रहा हो। कोच का गुस्सा, टीम का दबाव, और फिर वह पल जब वह जर्सी पहनता है और उसकी आंखों में चमक वापस आती है। पंचदीपा की फुटबॉल टीम ने बहुत ही बारीकी से दिखाया है कि एक खिलाड़ी के लिए उसकी जर्सी सिर्फ कपड़ा नहीं, बल्कि उसकी पहचान होती है।
वीडियो में अस्पताल के सीन से लेकर लॉकर रूम तक का ट्रांजिशन बहुत ही स्मूथ है। पहले लगता है कि लड़का बीमार है, लेकिन फिर पता चलता है कि वह चोटिल खिलाड़ी है। कोच का गुस्सा और फिर उसका अपना संकल्प। पंचदीपा की फुटबॉल टीम ने दिखाया कि कैसे एक खिलाड़ी अपनी चोट से उबरकर वापस मैदान में उतरने के लिए तैयार होता है। यह प्रेरणादायक है।
उस महिला की चुप्पी और लड़के की आंखों में छिपा दर्द। जब वह फोन देखती है और फिर लड़के की तरफ देखती है, तो लगता है जैसे वह कुछ कहना चाहती हो लेकिन कह नहीं पा रही। पंचदीपा की फुटबॉल टीम ने बिना डायलॉग के ही इतना कुछ कह दिया। एनिमेशन में इमोशन्स को इतनी बारीकी से दिखाना आसान नहीं होता, लेकिन यहां यह कमाल का है।