वह महिला सिर्फ सुंदर नहीं, बल्कि एक गहरे रहस्य को छिपाए हुए है। जब वह लू के पास आती है, तो उसकी आंखों में डर और आकर्षण दोनों झलकते हैं। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के इतिहास में शायद ही कभी कोई इतना खूबसूरत मोड़ आया हो। उसकी साड़ी की चमक और गले के मोती उसे किसी राजकुमारी जैसा बनाते हैं, लेकिन उसकी आवाज में कुछ छिपा है।
जब वह कागजात लेकर भागता हुआ आता है, तो उसकी आंखों में सिर्फ डर नहीं, बल्कि एक तरह की हताशा भी है। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के लिए यह पल शायद सबसे मुश्किल साबित हो। उसके पसीने की बूंदें और कांपते हाथ बताते हैं कि वह कुछ बहुत बड़ा छिपा रहा है। लू के सामने खड़ा होकर उसकी हिम्मत कायल करने वाली है।
उन दोनों के बीच की चुप्पी शब्दों से ज्यादा बोलती है। जब वह उसे पकड़ता है, तो उसकी आंखों में एक अजीब सी नमी है। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के लिए यह पल शायद सबसे भावनात्मक हो। उसकी सांसों की गर्माहट और उसकी आंखों की चमक बताती है कि यह सिर्फ एक मुलाकात नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है।
लू बालकनी में खड़ा है, शहर की रोशनी उसके चेहरे पर पड़ रही है, लेकिन उसकी आंखों में एक अजीब सा अकेलापन है। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के लिए यह पल शायद सबसे अकेला साबित हो। उसकी मुस्कान के पीछे छिपा दर्द सिर्फ वही जानता है। शहर की भीड़ में भी वह अकेला है, जैसे कोई राजा जो अपने राज्य में भी अजनबी हो।
जब वह गिरती है, तो लगता है कि समय थम गया है। लू का उसे पकड़ना सिर्फ एक एक्शन नहीं, बल्कि एक भावनात्मक पल है। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के लिए यह पल शायद सबसे डरावना हो। उसकी आंखों में डर और उसकी सांसों की तेजी बताती है कि वह कुछ बहुत बड़ा महसूस कर रही है। यह पल सिर्फ एक गिरावट नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है।