जब प्रिया जमीन पर गिरकर राहुल को बचाने की कोशिश कर रही थी, तो लगा जैसे पूरी दुनिया टूट गई हो। उसकी आवाज़ में दर्द और डर साफ झलक रहा था। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे सीन्स देखकर आँखें नम हो जाती हैं। राहुल की बेबसी और प्रिया की मजबूरी ने इस सीन को यादगार बना दिया।
बूढ़े गुरु ने सालों से साजिश रची थी, और राहुल बेचारा कुछ भी नहीं जानता था। उसकी मुस्कान के पीछे छिपा जहर देखकर गुस्सा आता है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में विलेन का किरदार इतना घृणित है कि नफरत करने को मन करता है। असली तलवारबाजी तो दिल की साफगी से सीखी जाती है, न कि धोखे से।
राहुल जब गुरु से पूछता है कि तुम कौन हो, तो उसकी आवाज़ में टूटा हुआ भरोसा साफ सुनाई देता है। ये सवाल सिर्फ पहचान का नहीं, बल्कि विश्वास के टूटने का भी है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे डायलॉग्स देखकर लगता है कि हर रिश्ते में एक दिन ये सवाल जरूर आता है।
गुरु ने सिद्धार्थ को असली विद्या दी, और राहुल को सिर्फ तलवार चलाना सिखाया। ये भेदभाव देखकर लगता है कि कुछ लोग दूसरों की तकदीर से खेलते हैं। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ये अन्याय देखकर गुस्सा आता है। हर किसी को बराबर मौका मिलना चाहिए, चाहे वो तलवारबाजी हो या जिंदगी।
प्रिया जब राहुल को बचाने के लिए जमीन पर गिरती है, तो उसका प्यार और समर्पण साफ झलकता है। वो राहुल को छोड़कर जाने को तैयार नहीं है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे प्यार के सीन्स देखकर लगता है कि सच्चा प्यार हर मुसीबत में साथ खड़ा होता है। प्रिया का किरदार दिल को छू गया।