जब वह नया लड़का सामने आया और गुरुजी से सीखने की बात कही, तो लगा कहानी में कुछ नया होने वाला है। उसकी आंखों में चमक और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। डबिंग तलवार के दम पर सरताज की कहानियों में हमेशा ऐसे पात्र आते हैं जो पुराने नियमों को तोड़ते हैं। यह दृश्य उसी का बेहतरीन उदाहरण है।
गुरुजी का यह कहना कि तलवार का रहस्य शब्दों में नहीं बताया जा सकता, बहुत गहरा था। उनकी आवाज़ में जो कंपन था, वह उनके अतीत के किसी राज को इशारा कर रहा था। डबिंग तलवार के दम पर सरताज में ऐसे पल आते हैं जब लगता है कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। यह दृश्य उसी श्रेणी का था।
पीछे खड़े युवाओं के चेहरे पर जो उत्सुकता थी, वह गुरुजी के अनुभव के सामने फीकी पड़ गई। जब गुरुजी ने तलवार उठाई, तो सबकी सांसें रुक गईं। डबिंग तलवार के दम पर सरताज में हमेशा पीढ़ियों के बीच के संघर्ष को खूबसूरती से दिखाया गया है। यह दृश्य उसी का जीता जागता उदाहरण है।
जब वह लड़की मुस्कुराई और गुरुजी से मार्गदर्शन मांगा, तो लगा कि वह सिर्फ एक शिष्या नहीं, बल्कि कहानी का अहम हिस्सा है। उसकी आंखों में कुछ छिपा था। डबिंग तलवार के दम पर सरताज में महिला पात्रों को हमेशा गहराई से दिखाया गया है। यह दृश्य उसी का बेहतरीन नमूना है।
गुरुजी का यह कहना कि वे फंस गए हैं, शायद एक चाल थी। उनकी आंखों में जो चमक थी, वह डर की नहीं, बल्कि किसी योजना की थी। डबिंग तलवार के दम पर सरताज में पात्रों की असली ताकत अक्सर छिपी होती है। यह दृश्य उसी का सबूत है कि बुजुर्ग अभी भी खतरनाक हैं।