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(डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँवां8एपिसोड

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(डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ

महान झोउ के सम्राट रुद्रसिंह ने हूणों को हराकर सारे राज्य जीत लिए। उसे 'तारा खान' कहा गया। पर सत्ता के मोह में उसने अपनी रानी खो दी, फिर सब छोड़कर पुत्र संग सरयू नगर में रहने लगा। एक दिन वफ़ा राज्य की महारानी चंद्रावती, जिसका पीछा दुश्मन कर रहे थे, उसकी झोपड़ी में आ निकली। अनजाने में दोनों के बीच एक रात का संबंध बन गया। रुद्रसिंह का शांत जीवन हमेशा के लिए बदल गया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

राजकुमार का अनोखा अंदाज

राजकुमार का अंदाज देखकर हैरानी हुई। सब गंभीर बातें कर रहे हैं और वो संतरे खा रहे हैं। फिर भी उनकी बातों में वजन है। महारानी चुपचाप सब देख रही हैं। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसे दृश्य देखने को मिलते हैं जो दिलचस्प हैं। पुराने मंत्री की चालाकी भी कम नहीं है। सबकी आंखें फटी रह गईं।

महारानी की छिपी ताकत

महारानी की खूबसूरती और उनकी ताकत दोनों ही काबिले तारीफ हैं। जब उन्होंने पैसे देने की बात कही तो सबकी आंखें फटी रह गईं। राजकुमार के साथ उनकी जोड़ी जच रही है। यह कहानी देखना मजेदार है। अंत में दूत का आना कहानी में नया मोड़ लाता है। सब हैरान हैं।

मंत्री की चालाकी

वफ़ा राज्य के मंत्री की चालाकी देखकर हंसी आती है। वो पैसे की बात छुपा रहे हैं लेकिन राजकुमार सब जानते हैं। शराब वाले दृश्य में तनाव साफ दिख रहा था। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ की कहानी में ऐसे मोड़ बहुत हैं। विष्णुनाथ के आने की खबर से सब हैरान हैं। माहौल गर्म है।

नहर और पैसे की बात

नहर बनाने की बात पर सबकी सहमति दिलचस्प थी। कोई पैसे नहीं देना चाहता था फिर अचानक सब तैयार हो गए। राजकुमार की चतुराई देखने लायक है। महारानी का मुस्कुराना बताता है कि सब योजना के मुताबिक हो रहा है। अंत में दूत का भ्रम हास्य जैसा लगा। सब चुप हैं।

राजकुमार और महारानी की जोड़ी

राजकुमार और महारानी के बीच का गहरा संबंध बहुत अच्छा है। वो एक दूसरे की बात बिना कहे समझ जाते हैं। मंत्री जी की छड़ी और उनका अंदाज बहुत पुराना जमाना लगता है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसे पात्र कहानी को आगे बढ़ाते हैं। रुद्र कुमार का प्रवेश धमाकेदार रहा। सब देख रहे हैं।

तेज संवाद और तनाव

इस कहानी में संवाद बहुत तेज हैं। राजकुमार ने शराब के बारे में जो कहा वो सीधा दिल पर लगा। मंत्री को लगा वो चालाक हैं पर राजकुमार एक कदम आगे हैं। महारानी की खामोशी सबसे शोर मचा रही थी। विष्णुनाथ के आने से अब क्या होगा यह देखना बाकी है। सब इंतज़ार कर रहे हैं।

शानदार मंच सजावट

मंच सजावट और कपड़े बहुत शानदार हैं। महारानी की सिर की सजावट और राजकुमार का ताज बहुत सुंदर लग रहे हैं। कहानी में राजनीति और प्रेम कहानी दोनों है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ को देखकर लगता है कि मेहनत की गई है। अंत वाला दृश्य अधूरा अंत जैसा है। सब हैरान हैं।

भरोसे और डर का खेल

मंत्री का डर और राजकुमार का भरोसा दोनों ही साफ दिख रहे हैं। जब महारानी ने पैसे देने की बात कही तो माहौल बदल गया। राजकुमार का संतरा खाना इस बात का संकेत है कि वो तनाव में नहीं हैं। दूत का आना कहानी को नई दिशा देगा। सब चौंक गए हैं।

सत्ता का संतुलन

यह दृश्य बताता है कि सत्ता कैसे चलती है। राजकुमार चुपचाप सब नियंत्रण कर रहे हैं। महारानी भी कम नहीं हैं। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में सत्ता का संतुलन बहुत अच्छे दिखाए गए हैं। रुद्र कुमार को जब शादी की खबर मिली तो उसका चेहरा देखने लायक था। सब हैरान हैं।

किरदारों का महत्व

कहानी में हर किरदार का अपना महत्व है। लाल कपड़ों वाले सिपाही भी ध्यान खींचते हैं। राजकुमार की बातों में छिपा हुआ मतलब समझना मुश्किल है। महारानी का साथ मिलना उनके लिए बड़ी ताकत है। अंत में सब हैरान हैं कि विष्णुनाथ क्यों आ रहे हैं। सब देख रहे हैं।