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(डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँवां76एपिसोड

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(डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ

महान झोउ के सम्राट रुद्रसिंह ने हूणों को हराकर सारे राज्य जीत लिए। उसे 'तारा खान' कहा गया। पर सत्ता के मोह में उसने अपनी रानी खो दी, फिर सब छोड़कर पुत्र संग सरयू नगर में रहने लगा। एक दिन वफ़ा राज्य की महारानी चंद्रावती, जिसका पीछा दुश्मन कर रहे थे, उसकी झोपड़ी में आ निकली। अनजाने में दोनों के बीच एक रात का संबंध बन गया। रुद्रसिंह का शांत जीवन हमेशा के लिए बदल गया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

राजा का झूठ पकड़ा गया

राजा का झूठ पकड़ा गया और सब हैरान हैं। पहिए वाली कुर्सी वाले व्यक्ति अचानक ठीक कैसे हो गया? यह दृश्य बहुत रोमांचक है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसे मोड़ देखने को मिलते हैं जो दिल को छू लेते हैं। अधिकारी के जमीन पर रेंगने का दृश्य हंसी भी कराता है और सोचने पर मजबूर भी करता है। सच सामने आने का यह पल बहुत शक्तिशाली है।

सम्राट और महारानी का पल

सम्राट और महारानी के बीच की नोकझोंक देखने लायक है। वह माफी मांग रहा है और उसकी आंखों में पछतावा साफ दिख रहा है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ की कहानी में भावनाओं का ऐसा गहरा प्रवाह देखकर अच्छा लगा। लाल पोशाक वाली महिला की प्रतिक्रिया बहुत स्वाभाविक लग रही है। यह रिश्ता अब कैसे बदलेगा, यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है।

कॉमेडी और ड्रामा का संगम

सुनहरी पोशाक वाले अधिकारी का अभिनय कमाल का है। वह कैसे जमीन पर गिरकर माफी मांग रहा है, यह दृश्य हंसी का कारण बना। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में कॉमेडी और ड्रामा का अच्छा मिश्रण है। दरबार का माहौल तनावपूर्ण है लेकिन बीच-बीच में हंसी भी आती है। ऐसे किरदार कहानी को बोझिल नहीं होने देते हैं और दर्शकों को बांधे रखते हैं।

अंधे होने का नाटक

अंधे होने का नाटक करने वाला व्यक्ति अब सबके सामने है। उसने सबको धोखा दिया था। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसे धोखेबाज किरदार हमेशा रोमांच बढ़ाते हैं। लाल पोशाक वाले युवक की हैरानी देखने वाली थी। उसने उंगली उठाकर सवाल किया जो बहुत जरूरी था। सच्चाई का सामना करना कितना मुश्किल होता है, यह दृश्य दिखाता है।

पारिवारिक कलह की गहराई

पिताजी को कहने के लिए मजबूर करना कितना अजीब लग रहा है। परिवार के रिश्तों में यह खटास क्यों है? (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में पारिवारिक कलह को बहुत बखूबी दिखाया गया है। सम्राट का गुस्सा और फिर शांत होना दिलचस्प है। हर किरदार का अपना मकसद लग रहा है। यह जंग महल के अंदर चल रही है जो बाहर के युद्ध से कम नहीं है।

शानदार दृश्य गुणवत्ता

महल की सजावट और पोशाकें बहुत शानदार हैं। हर किसी के कपड़े उनके पद को दर्शाते हैं। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ की दृश्य गुणवत्ता बहुत अच्छी है। दीयों की रोशनी में यह दृश्य और भी खूबसूरत लग रहा है। दृश्य कोण ने हर चेहरे के भाव को कैद किया है। ऐसे ऐतिहासिक ड्रामा देखने में बहुत सुकून देते हैं और समय का पता नहीं चलता।

रहस्य और सच का पल

जब सच सामने आया तो सबकी सांसें रुक गईं। वह व्यक्ति कैसे चलने लगा? यह चमत्कार है या धोखा? (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसे रहस्य बनाए रखे जाते हैं। लाल कपड़ों वाले अधिकारी की घबराहट साफ दिख रही थी। वह बार-बार पूछ रहा था कि तुम ठीक कैसे हो गए। यह सवाल हर दर्शक के मन में भी आ रहा होगा।

महिला का संघर्ष और आंसू

महिला की आंखों में आंसू और चिंता साफ झलक रही है। वह अपने पतिदेव से माफी मांग रही है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में औरतों के संघर्ष को भी दिखाया गया है। सम्राट का चेहरा पत्थर जैसा है लेकिन अंदर कुछ चल रहा है। यह माफी के बाद क्या होगा, यह सबसे बड़ा सवाल है। रिश्तों की यह डोर बहुत नाजुक लग रही है।

दरबार का डर और सत्ता

दरबार में सबके सब नतमस्तक हैं लेकिन किसी के चेहरे पर डर है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में सत्ता का खेल बहुत गहरा है। जमीन पर गिरने वाला व्यक्ति शायद अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहा है। सम्राट की एक आवाज से सब कांप रहे हैं। ऐसा रौबदार किरदार निभाना आसान नहीं है। अभिनेता ने बहुत मेहनत की है।

तेज रफ्तार कहानी

कहानी में उतार-चढ़ाव बहुत तेजी से आ रहे हैं। कभी हंसी तो कभी गंभीर माहौल। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ को देखते वक्त समय का पता नहीं चलता। हिंदी आवाज़ ने इसे और भी अपनापन दिया है। संवाद बहुत भारी-भरकम हैं लेकिन समझने में आसान हैं। ऐसे कार्यक्रम को परिवार के साथ देखना एक अच्छा अनुभव हो सकता है।