डायरी में लिखे शब्दों ने बता दिया कि बेटी के दिल में क्या चल रहा है। गुलाब का बदला में ऐसे छोटे-छोटे डिटेल्स होते हैं जो कहानी को गहरा बना देते हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर ये सीरीज़ देखकर मैंने सोचा—क्या मैं भी ऐसी डायरी लिखूं?
उस आदमी का चेहरा देखकर लगा कि वो जानबूझकर बेटी को तकलीफ दे रहा है। गुलाब का बदला में ऐसे किरदार होते हैं जो असल ज़िंदगी में भी मिलते हैं। नेटशॉर्ट पर ये सीरीज़ देखकर मैंने सोचा—क्या सच में ऐसे लोग होते हैं?
जब बेटी ने अपनी माँ को देखकर रोना शुरू किया, तो लगा जैसे मेरा दिल टूट गया। गुलाब का बदला ने दिखाया कि कैसे एक बच्चा अपने अपनों से धोखा खाकर टूट जाता है। ये दृश्य इतना पावरफुल था कि मैंने नेटशॉर्ट ऐप पर इसे सेव कर लिया।
गुलाब का बदला की ये एपिसोड देखकर लगता है कि खून के रिश्ते भी कभी-कभी झूठे होते हैं। माँ का बेटी के सामने नए पति के साथ आना और बेटी का टूटना—ये सब इतना दर्दनाक था कि मैंने नेटशॉर्ट ऐप पर बार-बार रिप्ले किया।
जब वो लड़की 'दादाजी, आज यह आपकी गलती है' लिख रही थी, तो लगा कि उसके अंदर कितना गुस्सा और बेबसी है। गुलाब का बदला ने दिखाया कि कैसे एक बच्चा अपने दर्द को शब्दों में बाँधता है। ये सीन मुझे कभी नहीं भूलेगा।