बटलर की आँखों में आंसू और हाथों में दस्ताने, यह जोड़ी कमाल की है। जब मालिक ने पूछा तो उसने जो जवाब दिया उसमें दर्द था। गुलाब का बदला की कहानी में नौकर का किरदार सबसे गहरा लग रहा है। सीढ़ियों पर नीचे उतरते हुए वह दृश्य जहाँ सब हैरान हैं, वहां का टेंशन महसूस किया जा सकता है। क्या सच में दादा का कुछ हुआ है या यह सब कोई चाल है?
लाल साड़ी में वह महिला जब फोन पर चिल्ला रही थी, तो लगा जैसे पूरी दुनिया हिल गई हो। उसकी आवाज़ में डर और गुस्सा दोनों था। गुलाब का बदला में ऐसे सीन्स ही तो जान डालते हैं। हरे ड्रेस वाली लड़की का सीढ़ियों से गिरना और फिर सबका इकट्ठा होना, यह सब बहुत तेजी से हुआ। लगता है अब बड़ा खुलासा होने वाला है।
हरे ड्रेस वाली लड़की जब सीढ़ियों से उतर रही थी और अचानक गिर गई, तो सबकी सांसें रुक गईं। बटलर का चेहरा देखकर लगा जैसे वह कुछ छिपा रहा हो। गुलाब का बदला में हर किरदार के चेहरे पर एक अलग कहानी लिखी है। काले कपड़े वाला आदमी जब ऊपर से दौड़ता हुआ आया, तो माहौल और भी गर्म हो गया।
इमरजेंसी रूम के बाहर खड़े गार्ड्स और चश्मे वाला आदमी, यह दृश्य बहुत रहस्यमयी था। लगता है कुछ बड़ा हादसा हुआ है। गुलाब का बदला में ऐसे सीन्स से कहानी आगे बढ़ती है। जब वह आदमी फोन करता है, तो उसकी आवाज़ में घबराहट साफ सुनाई दे रही थी। अब सबकी नजरें उसी फोन कॉल पर टिकी हैं।
बटलर जब रोया तो लगा जैसे उसका दिल टूट गया हो। उसने जो कहा, उसमें मालिक के प्रति वफादारी थी या कुछ और? गुलाब का बदला में भावनाओं का यह खेल कमाल का है। हरे ड्रेस वाली लड़की का गुस्सा और काले कपड़े वाले आदमी का हैरान होना, सब कुछ एक धागे में पिरोया गया है।