डॉक्टर के चेहरे पर अजीब सी मुस्कान है जब वो उस लड़की को देख रहा है। वो क्लिपबोर्ड पर कुछ लिख रहा है और फिर उस महिला को साइन करने के लिए देता है। गुलाब का बदला में विलेन कौन है यह पता लगाना मुश्किल हो रहा है। क्या डॉक्टर मजबूरी में है या वो भी इस साजिश का हिस्सा है? नेटशॉर्ट ऐप की वजह से ऐसे मिस्ट्री शो देखने का अनुभव बहुत बेहतर हो गया है।
कार के अंदर से सीधे एक अंधेरे कमरे में ट्रांजिशन बहुत स्मूथ था। पहले लग रहा था कि बस एक झगड़ा है, लेकिन फिर पता चला कि यह तो एक बड़ी साजिश है। गुलाब का बदला की एडिटिंग बहुत तेज है जो दर्शक को बांधे रखती है। वो लड़की जो पहले कार में रो रही थी, अब बंधी हुई है। यह कहानी कितनी गहरी है, यह तो आगे चलकर ही पता चलेगा।
लाल ड्रेस वाली महिला की खूबसूरती के पीछे एक खूंखार इरादा छिपा है। वो उस बेचारी लड़की के चेहरे के पास जाकर जो बातें कर रही है, उससे डर लग रहा है। गुलाब का बदला में विलेन का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री ने कमाल किया है। उसकी आवाज और एक्सप्रेशन सब कुछ बता रहे हैं कि वह कितनी क्रूर है। नेटशॉर्ट पर ऐसे किरदार देखना रोमांच से भरपूर है।
एक आदमी जो पसीने से लथपथ है और उसकी शर्ट खुली है, वो बटलर से क्या बात कर रहा है? यह सीन अचानक आया लेकिन इसने कहानी में नया आयाम जोड़ दिया। गुलाब का बदला में हर किरदार का अपना राज है। बटलर का शांत खड़ा होना और उस आदमी का घबराया हुआ चेहरा कई सवाल खड़े करता है। क्या यह सब एक दूसरे से जुड़ा है? नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे शो देखना लत जैसा है।
वो कमरा जो किसी ऑपरेशन थिएटर जैसा लग रहा है, वहां का माहौल बहुत डरावना है। प्लास्टिक की चादरें, अजीब सी लाइटिंग और बीच में बंधी हुई लड़की। गुलाब का बदला का सेट डिजाइन बहुत ही दमदार है जो कहानी के मूड को परफेक्टली कैप्चर करता है। डॉक्टर और वो महिला वहां खड़े होकर जो प्लानिंग कर रहे हैं, वो रोंगटे खड़े करने वाले हैं।