शुरुआत में पहाड़ टूटा था तब ही समझ गया था कि ज़ॉम्बीज़ के सम्राट में कुछ बड़ा होने वाला है। दृश्य प्रभाव जबरदस्त थे, धुआं और पत्थर हवा में उड़ते हुए बिल्कुल असली लगे। नायक की आंखों में वो नीली चमक देखकर रोंगटे खड़े हो गए। ऐसा लगा जैसे वो कोई शक्तिशाली प्राणी हो। अब और कड़ियां देखने का मन कर रहा है।
जब उसने अपनी शक्तियों का उपयोग किया और उस बूढ़े व्यक्ति को हराया, वो पल सबसे बेहतरीन था। ज़ॉम्बीज़ के सम्राट की कहानी में ये मोड़ था। खून से लथपथ माहौल में भी उसका ध्यान सिर्फ उस लड़की पर था। उसने उसे गोद में उठाया और वो नज़ारा बहुत रोमांटिक था। एक्शन के बीच भावनाओं का ये मिश्रण बहुत अच्छा लगा। अब वो उसे बचा लेगा।
दो प्यार करने वालों का मिलना इतना भावुक था कि मैं रो पड़ी। ज़ॉम्बीज़ के सम्राट में अक्सर एक्शन ज्यादा होता है पर ये सीन दिल को छू गया। जब वो उसके करीब आया और उसने मुस्कुराने की कोशिश की, वो पल अनमोल था। पीछे सिपाही तलवार पकड़े खड़ा था पर इन्हें फर्क नहीं पड़ा। सिर्फ एक दूसरे का साथ मायने रख रहा था। बहुत सुंदर था।
वो बूढ़ा विलेन जो मशीन के साथ जुड़ा था, उसका अंत बहुत डरावना था। ज़ॉम्बीज़ के सम्राट में उसका किरदार शुरु में बहुत मजबूत लगा था। पर जब नायक ने उसे हराया और वो राख बन गया, तब सुकून मिला। उसकी चीख सुनकर डर लग रहा था। दृश्य प्रभावों ने उसके शरीर के टुकड़े होने को अच्छे से दिखाया। ये लड़ाई का सीन यादगार बन गया।
शुरु में जो ज़ॉम्बी फौज पहाड़ की तरफ बढ़ रही थी, वो नज़ारा भयानक था। ज़ॉम्बीज़ के सम्राट का शीर्षक इसी पर फिट बैठता है। इतने सारे लोग एक साथ चल रहे थे जैसे कोई तूफान आ रहा हो। काला रंग और उनकी चाल देखकर ही पता चल रहा था कि ये साधारण नहीं हैं। ये दृश्य देखकर ही चिंता बढ़ गई कि अब क्या होगा। निर्देशन बहुत अच्छा है।
जब बादलों के पीछे से सूरज की रोशनी निकली, वो सिर्फ मौसम नहीं बदल रहा था बल्कि कहानी में उम्मीद भी ला रहा था। ज़ॉम्बीज़ के सम्राट में ये प्रतीक बहुत अच्छा लगा। नायक ने ऊपर देखा और उसके चेहरे पर बदलाव आ गया। जैसे उसे अपनी शक्ति का एहसास हुआ हो। ये छोटा विवरण संदेश दे गया कि अंधेरे के बाद उजाला जरूर होता है।
वो व्यक्ति जो तलवार पकड़े दीवार से टेका हुआ था, उसका क्या होगा? ज़ॉम्बीज़ के सम्राट में उसकी भूमिका अभी अधूरी लगी। वो खून से सना हुआ था और दर्द में चिल्ला रहा था। शायद वो अगली कड़ी में वापस आएगा। उसकी वर्दी देखकर लगा कि वो सेना का हिस्सा है। उसकी आंखों में आंसू और गुस्सा दोनों थे। उसका अनजान होना जिज्ञासा बढ़ाता है।
पूरे वीडियो में एक अजीब सा डर का माहौल था। ज़ॉम्बीज़ के सम्राट की पृष्ठभूमि बहुत विनाशोत्तर लगती है। टूटी हुई दीवारें, खून के धब्बे और हरे रंग का जहरीला पानी। सब कुछ बताता है कि यहां बहुत युद्ध हुआ है। नायक के कपड़े भी वैसे ही थे जो इस माहौल के अनुकूल हैं। ये विवरण देखकर लगता है कि निर्माण पर अच्छा खर्चा हुआ।
वो लड़की जख्मी हालत में जमीन पर लेटी थी, ये देखकर बहुत दुख हुआ। ज़ॉम्बीज़ के सम्राट में उसका किरदार बहुत नाजुक लगा। उसके चेहरे पर खून के निशान थे पर वो फिर भी सुंदर लग रही थी। जब नायक ने उसे उठाया तो लगा जैसे वो उसकी दुनिया हो। उसने आंखें खोलीं और मुस्कुराई, लगा कि वो बच जाएगी।
वीडियो के अंत में दोनों का गले मिलना बहुत भावुक था। ज़ॉम्बीज़ के सम्राट में ये दिखाता है कि युद्ध के बीच में इंसानियत जिंदा है। पीछे सब कुछ तबाह हो रहा था पर इनके लिए सिर्फ एक दूसरा जरूरी था। काले और सफेद शीर्षक कार्ड ने इस सीन को और गहरा बना दिया। ये श्रृंखला देखने लायक है अगर एक्शन और भावनाएं दोनों पसंद हैं।
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