एक्शन सीन्स देखकर रोंगटे खड़े हो गए। जब कमांडर की आँखें लाल हुईं और आग निकली, तो मज़ा आ गया। नीली ऊर्जा बनाम लाल आग का मुकाबला शानदार था। ज़ॉम्बीज़ के सम्राट में वीएफएक्स का स्तर बहुत ऊँचा है। कोलोसियम की सेटिंग भी जच रही है। हर फ्रेम में जान है। ऐसे एपिसोड के लिए मैं इंतज़ार कर सकता हूँ। नेटशॉर्ट पर देखने का अनुभव भी अच्छा रहा। बस यही उम्मीद है कि आगे और धमाकेदार हो।
विलेन का किरदार बहुत दमदार लगा। शुरू में लगा वो हीरो को हरा देगा, पर अंत में घुटने टेक दिए। ये ट्विस्ट किसी ने नहीं सोचा था। ज़ॉम्बीज़ के सम्राट की कहानी में ये गहराई है। कमांडर की वर्दी और ताकत देखकर डर लग रहा था। फिर अचानक समर्पण क्यों? ये सवाल दिमाग में है। अभिनय भी बहुत तीखा था। आँखों के एक्सप्रेशन सब बता रहे थे। ऐसे ड्रामा मुझे बहुत पसंद हैं।
हीरो की हिम्मत देखते ही बनती है। अकेले खड़ा हो गया इतनी बड़ी ताकत के सामने। माथे पर नीला निशान जब चमका तो लगा अब असली लड़ाई शुरू हुई। ज़ॉम्बीज़ के सम्राट में कैरेक्टर डिजाइन बहुत यूनिक है। साधारण कपड़ों में भी हीरो की चमक अलग थी। उसकी चीख में दर्द और गुस्सा दोनों था। दर्शक भी हैरान रह गए। ऐसे पल बार बार देखने को मिलते हैं। बजट भी लगता है काफी बड़ा है।
बालकनी वाले सीन में जो दो लोग खड़े थे, उनके रिएक्शन कमाल के थे। खासकर वो लाल कोट वाला ब्लॉन्ड आदमी। ज़ॉम्बीज़ के सम्राट में सपोर्टिंग कैरेक्टर भी ध्यान खींचते हैं। उनकी हैरानी से पता चल रहा था कि नीचे क्या हो रहा है। ग्रे हेयर वाला कमांडर भी चुपचाप सब देख रहा था। ये दर्शक भी कहानी का हिस्सा लग रहे थे। ऐसे डीटेल्स से स्टोरी और मज़बूत होती है। मुझे ये पर्सपेक्टिव बहुत अच्छा लगा।
अंत में जब कमांडर ने घुटने टेक दिए, तो सन्नाटा छा गया। सबको लगा वो जीत जाएगा। ज़ॉम्बीज़ के सम्राट का क्लाइमेक्स बहुत इमोशनल था। शायद उसे हीरो की ताकत का अहसास हुआ। या फिर कोई पुराना वादा था। हाथ की लकीरें देखना भी एक अजीब सीन था। लगता है कोई जादूई बंधन टूट गया। ये मोड़ कहानी को नई दिशा देगा। मैं अगले पार्ट का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा हूँ। बहुत सस्पेंस बना हुआ है।
विजुअल इफेक्ट्स पर कोई समझौता नहीं किया गया है। आग और बिजली का टकराव स्क्रीन पर ज़िंदा लग रहा था। ज़ॉम्बीज़ के सम्राट की प्रोडक्शन वैल्यू बहुत हाई है। कोलोसियम की दीवारें और धूल भी असली लग रही थी। जब वो हवा में उड़ा तो कैमरा एंगल भी शानदार था। ऐसे सीन सिनेमा हॉल जैसे लगते हैं। मोबाइल पर देखकर भी मज़ा आ गया। तकनीक का सही इस्तेमाल हुआ है। हर एक्शन फ्रेम में बारीकी है।
सिर्फ एक्शन नहीं, इमोशन भी है। वो लड़की जो रो रही थी, उसका दर्द साफ दिख रहा था। ज़ॉम्बीज़ के सम्राट में जज़्बातों को भी जगह मिली है। शायद वो हीरो की कोई अपन है। उसकी आँखों में आँसू देखकर बुरा लगा। बीच में सैनिकों के चेहरे भी डरे हुए थे। ये दिखाता है कि खतरा कितना बड़ा था। कहानी में ये इमोशनल लेयर ज़रूरी थी। सिर्फ मारधाड़ से काम नहीं चलता। ये बैलेंस बहुत अच्छा बनाया गया है।
रफ़्तार बिल्कुल सही रही। कहीं भी बोरियत नहीं हुई। शुरू से अंत तक एक्शन बना रहा। ज़ॉम्बीज़ के सम्राट की एडिटिंग बहुत तेज़ है। सीन बदलते रहे और ध्यान बना रहा। कमांडर का गुस्सा और हीरो का जवाब, सब टाइमिंग पर था। बीच में दर्शकों के शॉट्स भी अच्छे लगे। ऐसा लगा मैं भी भीड़ में खड़ा हूँ। ऐसे पेसिंग वाले शो कम ही मिलते हैं। नेटशॉर्ट पर वक्त बर्बाद नहीं हुआ। पूरा एंगेजमेंट बना रहा।
ग्रे हेयर वाले कमांडर का रहस्य बना हुआ है। वो किस तरफ है, अभी साफ नहीं है। ज़ॉम्बीज़ के सम्राट में कई लेयर्स हैं। उसकी वर्दी और मेडल बता रहे हैं वो अहम है। उसने अंत में जो देखा, वो उसे झटका दे गया। शायद उसे सच्चाई पता चल गई। ऐसे पात्र कहानी को गहरा करते हैं। उसकी चुप्पी भी शोर मचा रही थी। मुझे उसके बैकस्टोरी के बारे में जानना है। ये किरदार भविष्य में बड़ा रोल प्ले करेगा।
कुल मिलाकर ये एपिसोड बहुत यादगार रहा। फंतासी और एक्शन का अच्छा मिश्रण है। ज़ॉम्बीज़ के सम्राट ने उम्मीदों पर खरा उतरा है। यूनिफॉर्म वाला स्टाइल थोड़ा अलग लगा पर जच गया। हीरो और विलेन की केमिस्ट्री भी बढ़िया थी। आखिरी सीन ने सबको चौंका दिया। ऐसे शो दोस्तों के साथ देखने में मज़ा आता है। मैंने तो कई बार रिवाइंड करके देखा। हर बार कुछ नया दिखता है। बहुत बढ़िया कंटेंट है।
इस एपिसोड की समीक्षा
नवीनतम