ज़ॉम्बीज़ के सम्राट के इस दृश्य में हरे रंग के तालाब वाला हिस्सा बहुत ही चौंकाने वाला था। जब बूढ़े विलेन के शरीर से लाल रंग के लंबे अंग निकले तो लगा जैसे कोई राक्षस जाग गया हो। युवा योद्धा की आंखों में डर नहीं बल्कि गुस्सा साफ दिख रहा था। ऐसे दृश्य प्रभाव हिंदी कार्यक्रम में कम ही देखने को मिलते हैं। माहौल इतना तनावपूर्ण था कि सांस रुक सी गई थी।
इस कार्यक्रम ज़ॉम्बीज़ के सम्राट में जादू और विज्ञान का मिश्रण कमाल का है। नायक के माथे पर नीले निशान चमकते हैं जब वह अपनी शक्ति का उपयोग करता है। सामने खड़ा दुश्मन हवा में तैर रहा था और चीख रहा था। यह लड़ाई सिर्फ शारीरिक नहीं बल्कि शक्तियों की भी थी। दर्शक के रूप में मुझे यह रंगों का खेल बहुत पसंद आया।
बूढ़े आदमी की हार साफ झलक रही थी जब उसने अपनी पूरी ताकत लगा दी। ज़ॉम्बीज़ के सम्राट में विलेन का किरदार हमेशा से ही बहुत मजबूत रहा है। उसकी आंखों में पागलपन और दांतों में खून साफ दिखाई दे रहा था। लेकिन नायक की नीली ढाल के आगे उसकी एक नहीं चली। ऐसे अंत के दृश्य बार बार देखने लायक होते हैं।
जब वह युवा लड़का अपनी कोट पहनकर आगे बढ़ा तो लगा कि अब असली लड़ाई शुरू होगी। ज़ॉम्बीज़ के सम्राट की सेटिंग बहुत ही गहरी और अंधेरी है जो कहानी को गंभीर बनाते हैं। फर्श पर बिखरा खून और पीछे चलती मशीनें सब कुछ बता रही थीं कि यहाँ क्या हुआ है। मुझे यह गहरी विषयवस्तु बहुत पसंद आई और मैं इसे सबको सुझाऊंगा।
पीठ से निकलने वाले लाल रंग के अंग बहुत ही अजीब और डरावने लग रहे थे। ज़ॉम्बीज़ के सम्राट में ऐसे राक्षस डिजाइन देखकर हैरानी होती है। जब वह हवा में लटका हुआ था तो लगा जैसे कोई मकड़ी अपने शिकार को पकड़ने वाली हो। युवा नायक ने बिना हिले अपनी शक्ति से सबको हैरान कर दिया। यह दृश्य लंबे समय तक याद रहेगा।
इतने शोर और हंगामे के बीच भी नायक का चेहरा बिल्कुल शांत था। ज़ॉम्बीज़ के सम्राट में किरदारों का अभिनय बहुत ही लाजवाब है। उसकी आंखों में एक अलग ही चमक थी जब उसने अपनी शक्ति छोड़ी। सामने वाले की चीखें सुनकर लग रहा था कि अब उसका अंत निकट है। ऐसे पल सिनेमा की असली जान होते हैं जो दर्शकों को बांधे रखते हैं।
उस तालाब से निकलने वाला हरा धुआं और तरल पदार्थ बहुत ही जहरीला लग रहा था। ज़ॉम्बीज़ के सम्राट के दृश्यों में इस रंग का उपयोग बहुत स्मार्ट तरीके से किया गया है। जब विलेन उसमें गिरा तो लगा कि अब वह वापस नहीं आएगा। लेकिन वह फिर से उठा और ज्यादा खतरनाक हो गया। यह मोड़ देखकर मैं सीट से उछल पड़ा था।
दो शक्तियों के बीच की यह टक्कर बहुत ही भयानक थी। ज़ॉम्बीज़ के सम्राट में एक्शन दृश्यों की प्रस्तुति बहुत अच्छी है। जब नीली रोशनी ने लाल अंगों को टकराया तो एक अलग ही ऊर्जा पैदा हुई। आवाजें और ध्वनि प्रभाव भी बहुत दमदार थे। मुझे लगता है कि यह कार्यक्रम अपनी शैली में सबसे आगे है और इसे जरूर देखना चाहिए।
जब उस बूढ़े आदमी के शरीर में हरी रोशनी दौड़ी तो उसकी चीख सुनकर कलेजा कांप गया। ज़ॉम्बीज़ के सम्राट में दर्द को दिखाने का तरीका बहुत ही असली लगता है। उसके दांत और आंखें बदल रही थीं जो उसकी तकलीफ बता रही थीं। नायक ने मौका देखकर वार किया और जीत हासिल की। यह जीत आसान नहीं थी लेकिन बहुत संतोषजनक थी।
इस दृश्य के अंत में नायक के माथे के निशान और भी चमकदार हो गए थे। ज़ॉम्बीज़ के सम्राट की कहानी अब किस मोड़ पर जाएगी यह देखना दिलचस्प होगा। विलेन की हार के बाद भी लग रहा है कि खत्म नहीं हुआ है। ऐसे तनाव के साथ कार्यक्रम खत्म करना दर्शकों को अगली बार के लिए तैयार करता है। मुझे अगला भाग देखने का बेसब्री से इंतजार है।
इस एपिसोड की समीक्षा
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