कैम्पस की वो हरियाली और दोनों के बीच की चुप्पी कुछ कहानी कह रही थी। घुंघराले बाल वाले युवक की आँखों में एक अलग ही चमक थी जब वो सुनहरे बाल वाले लड़के को देख रहा था। प्यार की चॉइस में ऐसे पल दिल को छू लेते हैं। हाथ पकड़ने वाला दृश्य तो बस जादू था, बिना किसी संवाद के सब समझ आ गया। मैं बस यही चाहती हूँ कि ये वक्त रुक जाए। कार्यालय वाला तनाव बाद में आता है, पहले ये खूबसूरती देखने दो। सच में, प्यार की भाषा सार्वभौमिक होती है। हर कोई इस रिश्ते को सलामत देखना चाहता है।
कार्यालय की खिड़की से शहर की रोशनी दिख रही थी, लेकिन उस काले सूट वाले शख्स का चेहरा तनाव से भरा था। हार्पर का फोन आते ही माहौल बदल गया। लगता है काम और निजी जीवन के बीच की जंग शुरू हो चुकी है। प्यार की चॉइस की कहानी में ये मोड़ बहुत अहम है। वो टक्सिडो देखकर लग रहा था कि कोई बड़ी रात आने वाली है। क्या वो तैयार है इस चुनौती के लिए। मुझे उसकी घबराहट साफ़ दिखी। काश वो अपने दिल की सुन पाता। ये दृश्य बहुत गहरा असर छोड़ गया।
दोस्तों, ये जो घास पर बैठे हुए दृश्य है ना, बस इसी के लिए तो सीरीज देख रहे हैं। सफेद स्वेटर वाला लड़का कितना मासूम लग रहा था। जब उंगलियां एक दूसरे को छूती हैं, तो बिजली सी दौड़ जाती है। प्यार की चॉइस ने बिना शोर मचाए इश्क़ दिखाया। वहीं दूसरी तरफ़ कार्यालय में हार्पर की आवाज़ में सख्ती थी। दो अलग दुनिया का टकराव साफ़ दिख रहा है। मुझे नहीं पता आगे क्या होगा, पर ये रिश्ता बचाना जरूरी है। वरना सब बेकार हो जाएगा। दिल को बहुत अच्छा लगा ये पल।
हार्पर का किरदार बहुत मजबूत लग रहा है। काले रेशमी कमीज में वो किसी मालिक से कम नहीं लग रही थी। फोन पर बात करते वक्त उसकी आँखों में एक चालाकी थी। प्यार की चॉइस में ऐसे किरदार कहानी को आगे बढ़ाते हैं। वो शख्स जो सूट देख रहा था, वो उससे डर रहा था या उम्मीद कर रहा था। ये उलझन ही तो मज़ा है। मुझे लगता है ये दोनों किसी बड़े प्लान का हिस्सा हैं। बैकग्राउंड में शहर की लाइट्स भी मूड बना रही थीं। बस यही उम्मीद है कि अंत अच्छा हो।
कभी कैम्पस की शांति, तो कभी कार्यालय का शोर। इस कहानी में दो रंग साफ़ दिखते हैं। एक तरफ़ प्यार का सुकून, दूसरी तरफ़ करियर का दबाव। घुंघराले बाल वाले युवक ने जब हाथ थामा, तो लगा सब ठीक हो जाएगा। प्यार की चॉइस ने ये दिखाया कि रिश्ते नाजुक होते हैं। वो टक्सिडो वाला दृश्य मुझे बार बार याद आ रहा है। शायद कोई शादी या बड़ी पार्टी आने वाली है। क्या वो दोनों वहां मिल पाएंगे। ये सवाल दिमाग में घूम रहा है। बहुत खूबसूरत तरीके से फिल्म बनाई गई है।
मुझे वो पल सबसे ज्यादा पसंद आया जब सुनहरे बाल वाला लड़का मुस्कुराया। उसकी आँखों में नीलापन और चेहरे पर सुकून था। सामने वाला शख्स भी उसे ही देख रहा था। प्यार की चॉइस में केमिस्ट्री बिल्कुल सही बैठती है। फिर अचानक दृश्य बदलता है और हमें एक व्यस्त कार्यालय दिखाई देता है। वहां का शख्स फोन उठाते ही गंभीर हो गया। ये बदलाव दर्शकों को बांधे रखता है। मुझे नहीं पता हार्पर क्या कह रही थी, पर उसका लहजा स्पष्ट था। कहानी में गहराई है।
छायांकन का क्या कहना, हर फ्रेम तस्वीर जैसा लग रहा था। हरी घास, पुरानी इमारतें और वो दो युवक। ऐसा लग रहा था जैसे समय थम गया हो। प्यार की चॉइस की विजुअल्स पर बहुत मेहनत की गई है। फिर वो कार्यालय का दृश्य जहां सब कुछ सफेद और साफ़ था। वहां का शख्स अपने आप में अकेला लग रहा था। कपड़ों का रैक और वो काला सूट किसी इशारे की तरह था। क्या वो किसी और के लिए तैयार हो रहा है। ये सवाल बना हुआ है। मुझे अगली कड़ी चाहिए।
बातचीत कम थी, पर भावनाएं बहुत ज्यादा थीं। हाथों की उंगलियां जब एक हुईं, तो लगा जैसे वादा किया हो। घुंघराले बाल वाले युवक का प्यार साफ़ झलक रहा था। प्यार की चॉइस में संवाद से ज्यादा एक्शन बोलते हैं। वहीं कार्यालय वाली हार्पर ने फोन पर जो कहा, उससे लग रहा था कि वो कंट्रोल में है। उसकी बेल्ट और कपड़े उसका व्यक्तित्व बता रहे थे। ये कहानी सिर्फ रोमांस नहीं, बल्कि पावर समीकरण भी है। मुझे ये लेयरिंग बहुत पसंद आई। सच में बेहतरीन काम है।
शहर की ऊंची इमारतें और बीच में एक छोटा सा कार्यालय। वहां बैठे शख्स की हालत देखकर तरस आ रहा था। उसे लगा कि सब संभल जाएगा, पर फोन की घंटी ने सब बदल दिया। प्यार की चॉइस में हर दृश्य के पीछे एक वजह है। वो टक्सिडो सिर्फ कपड़ा नहीं, किसी जिम्मेदारी का प्रतीक लग रहा था। क्या वो अपने प्यार को चुन पाएगा या दबाव में आ जाएगा। ये देखना दिलचस्प होगा। कैम्पस वाले दृश्य की यादें उसे सता रही होंगी। मुझे लगता है वो टूट जाएगा।
अंत में बस यही कहूंगी कि ये कहानी दिल के करीब है। दो अलग रास्तों का मिलन और फिर जुदाई का डर। सुनहरे बाल वाले लड़के की मुस्कान और कार्यालय वाले शख्स का तनाव। प्यार की चॉइस ने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया है। हार्पर का किरदार भी रहस्यमयी था। क्या वो विलेन है या मददगार। ये अभी साफ़ नहीं हुआ। पर जो भी हो, दृश्य ने जादू चल दिया है। मैं फिर से वो घास वाला दृश्य देखना चाहती हूँ। बस यही दुआ है कि सब ठीक हो जाए।
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