ज़्यूस और हीरा के बीच का वह दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो गए। शक्ति और जुनून का अनोखा संगम है। जब ज़्यूस ने अपनी शक्ति दिखाई, तब समझ आया कि यह सिर्फ प्रेम नहीं, एक साजिश भी है। उसका बेटा, उसका पाप में ये रिश्ते बहुत गहरे हैं। हीरा की आँखों में डर और गुस्सा दोनों साफ़ दिखता है जब वह चुपकर सब देखती है।
आर्टेमियन का एंट्री दृश्य कमाल का था। उसकी आँखों में चमक और शरीर पर बिजली का असर देखकर लगता है वह साधारण नहीं है। ज़्यूस के सिंहासन के सामने खड़ा होकर उसने साबित कर दिया कि वह उसका वंशज है। उसका बेटा, उसका पाप की कहानी में यह पल सबसे महत्वपूर्ण है। हीरा की प्रतिक्रिया देखकर लगता है आगे बहुत बड़ा हंगामा होने वाला है।
हीरा का चेहरा जब वह स्तंभ के पीछे छुपी थी, उस पर लिखा था धोखा। ज़्यूस ने उसे रानी बनाया पर दिल में किसी और के लिए जगह बना ली। आर्टेमियन का जन्म ही उनके रिश्ते में दरार बन गया। उसका बेटा, उसका पाप में हीरा का किरदार सबसे जटिल लगता है। वह चुप है पर उसकी खामोशी शोर मचा रही है।
ओलंपस पर्वत की बनावट बहुत ही भव्य है। सोने के स्तंभ और संगमरमर का फर्श देखकर लगता है कि हम सच में देवताओं की दुनिया में हैं। ज़्यूस का सिंहासन और उसकी शक्ति प्रदर्शन आँखों को सुकून देता है। उसका बेटा, उसका पाप की निर्माण गुणवत्ता ने मुझे बांध कर रखा। हर चित्र एक पेंटिंग जैसा लगता है।
ज़्यूस जब अपने हाथ में आग और बिजली पकड़ता है, तो लगता है वह सच में देवताओं का राजा है। उसकी शक्ति के आगे सब नन्हे लगते हैं। पर क्या यह शक्ति उसके परिवार को बचा पाएगी? उसका बेटा, उसका पाप में यह सवाल हर मोड़ पर उभर कर आता है। ज़्यूस की आँखों में अहंकार साफ़ दिखता है जो शायद उसके पतन का कारण बने।
मंदिर वाला दृश्य पूरे भाग का केंद्र बिंदु था। आर्टेमियन ने बिना डरे ज़्यूस के सामने खड़े होने का साहस दिखाया। हीरा की नज़रें उस पर टिकी थीं, जैसे वह किसी मौके की ताक में हो। उसका बेटा, उसका पाप में यह तिकोन संघर्ष बहुत तेज़ है। कौन जीतेगा और कौन हारेगा, यह अभी कहना मुश्किल है पर मज़ा आ रहा है।
हीरा की वेदना को शब्दों में बयान करना मुश्किल है। उसने सब कुछ पाया पर फिर भी अकेली है। ज़्यूस की नज़रों में उसके लिए प्रेम कम और कर्तव्य ज़्यादा दिखता है। उसका बेटा, उसका पाप ने मुझे रुला दिया। जब हीरा ने वह गुस्से भरी नज़रें मारीं, तो लगा अब तो प्रलय ही होगा।
कहानी की रफ़्तार बहुत तेज़ है। पहले प्रेम, फिर शक्ति और अंत में घुलव। एक पल में सब बदल गया। आर्टेमियन का अवतर लेना और ज़्यूस का उसे स्वीकार करना सभी तेज़ी से हुआ। उसका बेटा, उसका पाप में बोरिंग होने का सवाल ही नहीं उठता। हर दृश्य के बाद उत्सुकता बढ़ती जाती है कि आगे क्या होगा।
ज़्यूस के बाल और दाड़ी की बनावट उसके किरदार को बिल्कुल सूट करती है। वह बुद्धे लगते हैं पर शक्तिशाली भी हैं। आर्टेमियन की जवानी और ज़्यूस का अनुभव का टकराव देखने लायक है। उसका बेटा, उसका पाप में कलाकार चयन पर बहुत मेहनत की गई है। हर किरदार अपनी जगह सही बैठता है और कहानी को आगे बढ़ाता है।
अंत में हीरा का गुस्सा देखकर लगता है कि अगला भाग बहुत धमाकेदार होगा। ज़्यूस को नहीं पता कि उसकी पत्नी उसके खिलाफ़ साजिश कर सकती है। आर्टेमियन बीच में फंस गया है। उसका बेटा, उसका पाप का यह अंत मुझे अगले भाग का इंतज़ार करने पर मजबूर कर गया। यह श्रृंखला सच में लत लगाने वाली है।