अंधेरे सिंहासन पर बैठे राजा का किरदार सच में बहुत डरावना है। उसकी पीली चमकती आँखें और कंकाल से बना भयानक सिंहासन देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। जब वह जोर से हंसता है तो लगता है कि अब सब कुछ खत्म हो गया है। इस शो का माहौल बहुत ही गहरा और रहस्यमयी बनाया गया है। उसका बेटा, उसका पाप नामक इस कहानी में हर मोड़ पर नया रहस्य बढ़ता जाता है। दृश्य प्रभाव भी काफी शानदार हैं।
रानी का अचानक प्रवेश ने पूरी कहानी का रुख बदल दिया है। उसकी पहनी हुई सुनहरी पोशाक और सिर पर बना हुआ ताज बहुत ही भव्य और शाही लग रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि वह अंधेरे पक्ष की मदद क्यों कर रही है? कहानी में मोड़ बहुत हैं। उसका बेटा, उसका पाप में रिश्तों की यह जंग देखने लायक है। नेटशॉर्ट पर देखने का अनुभव काफी अच्छा रहा।
अचानक स्वर्ग का दृश्य आया तो मुझे बहुत हैरानी हुई। बिजली का प्रभाव और देवता राजा का सुनहरा सिंहासन बहुत प्रभावशाली है। अंधेरे और उजाले की दुनिया का अंतर बहुत अच्छा है। उसका बेटा, उसका पाप में स्थान बदलने की रफ़्तार तेज है। मुझे यह मिथक शैली बहुत पसंद आ रही है।
रानी के हाथों से निकली बैंगनी जादुई शक्ति देखकर मैं दंग रह गया। योद्धा उससे ऊर्जा ले रहा है। यह शक्ति संक्रमण का दृश्य बहुत खूबसूरत बनाया गया है। उसका बेटा, उसका पाप में जादू का इस्तेमाल कहानी को आगे बढ़ाता है। चित्रण की गुणवत्ता भी बहुत अच्छी है।
अंत में रानी की आँखों का रंग बदलना सबसे बड़ा मोड़ था। क्या वह किसी के कब्जे में आ गई है? उसका चेहरा डर से भर गया था। उसका बेटा, उसका पाप में हर भाग के अंत में ऐसा रहस्य मिलता है। मैं अगला भाग देखने के लिए बेताब हूं।
युवा योद्धा का घुटने टेकना और बाद में खड़ा होना उसके विकास को दिखाता है। उसकी सुनहरी कवच बहुत चमकदार है। देवताओं के सामने उसका साहस देखने लायक है। उसका बेटा, उसका पाप में पात्रों का विकास धीरे धीरे हो रहा है। मुझे यह यात्रा पसंद आ रही है।
काले महल और उज्ज्वल स्वर्ग के बीच का वातावरण बहुत अलग है। प्रकाश व्यवस्था सिनेमा जैसी है। दर्शक को कहानी में डुबो देता है। उसका बेटा, उसका पाप की दृश्य कथा शैली बहुत मजबूत है। नेटशॉर्ट पर ऐसी गुणवत्ता मिलना दुर्लभ है।
अंधेरे राजा की हंसी ने रोंगटे खड़े कर दिए। रानी की हैरानी भरी अभिव्यक्ति भी कमाल की थी। अभिनय में दम है। उसका बेटा, उसका पाप में संवाद कम लेकिन भावनाएं ज्यादा हैं। यह शैली मुझे बहुत भाती है। चेहरे के भाव सब कुछ बताते हैं।
कहानी की रफ़्तार बहुत तेज है। पाताल से देवताओं के महल तक का सफर जल्दी हो गया। फिर भी कहानी स्पष्ट है। उसका बेटा, उसका पाप में समय बर्बाद नहीं होता। मुझे लघु फिल्मों का यह प्रारूप बहुत पसंद है। हर दृश्य महत्वपूर्ण है।
पौराणिक कथाओं का यह नाटक बहुत रोचक है। परिवार के धोखे का संकेत शीर्षक में ही है। उसका बेटा, उसका पाप में गहराई है। अगले भाग में क्या होगा यह जानने की उत्सुकता बढ़ रही है। सबको देखना चाहिए। कहानी बहुत मजबूत है।