फ़राओ की रानी बनी में दृश्य इतने भव्य हैं कि आँखें चौंधिया जाएं, लेकिन असली कहानी तो उन आँसुओं में है जो नीले पानी में गिरते हैं। जब वह टूटा हुआ पेंडेंट देखती है, तो लगता है जैसे पूरा महल सन्न रह गया हो। राजा का घमंड और रानी की चालाकी बीच फंसी नायिका की बेबसी दिल को छू लेती है। नेटशॉर्ट पर ऐसे ड्रामा देखना सुकून देता है।
बैंगनी पोशाक वाली रानी की मुस्कान में जितना मिठास है, उतना ही जहर भी। फ़राओ की रानी बनी का यह मोड़ कमाल का है जहाँ वह हंसते हुए दूसरों को नीचा दिखाती है। सोने के सिंहासन और हीरे-जवाहर के बीच इंसानी रिश्तों का यह खेल देखकर लगता है कि असली खजाना तो बस इज्जत है, जो यहाँ कुचली जा रही है।
जब वह मिट्टी का टुकड़ा जमीन पर गिरता है और टूट जाता है, तो नायिका का दिल भी वहीं बिखर जाता है। फ़राओ की रानी बनी में यह सीन सबसे भारी था। राजा और रानी की हंसी उसके आंसुओं पर भारी पड़ रही थी। ऐसे में लगता है कि महल की दीवारें भी शायद रो पड़ें। नेटशॉर्ट ऐप पर यह इमोशनल राइड बेमिसाल है।
फैरो का वह अहंकारी चेहरा जब वह पंखा हिलाता है, तो लगता है जैसे वह पूरी दुनिया पर राज कर रहा हो। लेकिन फ़राओ की रानी बनी में असली ताकत तो उन औरतों के हाथ में है जो चुपचाप सब देख रही हैं। एक की चालाकी और दूसरे की मासूमियत के बीच का यह संघर्ष देखने लायक है। सीन बहुत गहराई से लिखे गए हैं।
सोने से भरा संदूक खुलता है तो सबकी आँखें चमक उठती हैं, लेकिन फ़राओ की रानी बनी में असली चमक तो उस लड़की के आंसुओं में थी जो अपने टूटे हुए ताबीज को समेट रही थी। दौलत के ढेर के सामने इंसानी जज्बात कितने छोटे लगते हैं, यह सीन बताता है। नेटशॉर्ट पर ऐसे कंटेंट की कमी है जो दिल को छू जाए।
नीले और सुनहरे रंगों का यह सेट इतना शानदार है कि हर फ्रेम पोस्टर लगता है। फ़राओ की रानी बनी में विजुअल्स तो जान लेने वाले हैं, पर कहानी और भी गहरी है। जब बूढ़ी रानी हंसती है और युवती रोती है, तो लगता है कि इतिहास फिर से दोहरा रहा है। यह शो देखकर समय का पता ही नहीं चलता।
नायिका की चुप्पी में जो शोर है, वह हजार शब्दों से भारी है। फ़राओ की रानी बनी में जब वह बिना कुछ बोले सब सह जाती है, तो दर्शक के रूप में हम भी बेचैन हो जाते हैं। राजा का अहंकार और रानी की ईर्ष्या उसके मासूम चेहरे पर हावी हो रही है। नेटशॉर्ट ऐप पर यह ड्रामा देखना एक अलग ही अनुभव है।
इतनी दौलत और ताकत के बाहर भी इंसान कितना अकेला हो सकता है, यह फ़राओ की रानी बनी अच्छे से दिखाता है। जब वह लड़की जमीन पर बैठकर अपने टूटे हुए गहने को जोड़ती है, तो लगता है कि सिंहासन पर बैठे लोग असल में कितने गरीब हैं। यह कहानी दिल और दिमाग दोनों को झकझोर देती है।
बैंगनी साड़ी वाली रानी की मुस्कान देखकर लगता है कि सब ठीक है, लेकिन फ़राओ की रानी बनी में हर मुस्कान के पीछे एक साजिश छिपी है। जब वह नायिका को नीचा दिखाती है, तो उसकी आँखों में जीत की चमक साफ दिखती है। यह पात्र इतना जटिल है कि उसे समझना मुश्किल है। नेटशॉर्ट पर ऐसा कंटेंट कम ही मिलता है।
सूरज ढल रहा है और लगता है कि इस कहानी का अंत भी पास है। फ़राओ की रानी बनी का यह अंतिम दृश्य बहुत ही भावुक है जहाँ सब कुछ खत्म होता हुआ दिखता है। नायिका के आंसू और राजा की खामोशी बताती है कि अब कुछ भी पहले जैसा नहीं रहेगा। नेटशॉर्ट ऐप पर यह सीरीज देखना एक यादगार अनुभव रहा।
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