फ़राह के चेहरे पर वो दर्द देखकर दिल पसीज गया। जब वो कपड़े धो रही थी, तो लगा जैसे उसका अहंकार भी धुल रहा हो। फ़राओ की रानी बनी में ये सीन सबसे ज्यादा इमोशनल था। राजा का खामोश रहना और दूसरी रानी का घमंड, सब कुछ बोल रहा था बिना कहे।
जिसने फ़राह को नीचा दिखाया, उसे क्या पता कि असली ताकत सब्र में होती है। फ़राओ की रानी बनी में ये किरदार बहुत गहरा है। उसकी आँखों में नफरत साफ दिख रही थी। लगता है आगे चलकर उसे अपनी गलती का अहसास होगा, तब तक फ़राह को सहना पड़ेगा।
राजा ने फ़राह का हाथ क्यों नहीं थामा? शायद वो मजबूर था। फ़राओ की रानी बनी में हर किरदार की मजबूरी दिखाई गई है। उसकी आँखों में फ़राह के लिए दर्द था, पर वो कुछ कर नहीं सकता था। ये चुप्पी सबसे बड़ा शोर बन गई।
बूढ़ी रानी की आँखों में एक अजीब सी चमक थी। वो जानती थी कि फ़राह के आने से सब बदल जाएगा। फ़राओ की रानी बनी में ये किरदार बहुत रहस्यमयी है। उसने फ़राह को देखा तो लगा जैसे वो भविष्य देख रही हो।
जब फ़राह ने कपड़े धोए और फिर खड़ी हुई, तो उसकी आँखों में आँसू थे पर हार नहीं थी। फ़राओ की रानी बनी में ये सीन बहुत प्रेरणादायक है। वो रो रही थी, पर उसकी मुट्ठी भिंची हुई थी। लगता है वो बदला लेगी।
वो राजकुमार जो मुस्कुरा रहा था, उसे क्या पता कि फ़राह के दिल में क्या चल रहा है। फ़राओ की रानी बनी में हर किरदार का अपना खेल है। उसकी मुस्कान में शायद फ़राह के लिए सहानुभूति थी, या शायद कुछ और।
इन सुनहरी दीवारों ने कितने राज देखे होंगे। फ़राओ की रानी बनी में सेट डिजाइन बहुत शानदार है। जब फ़राह अकेली खड़ी थी, तो लगा जैसे पूरा महल उसका मजाक उड़ा रहा हो। पर वो टूटी नहीं।
फ़राह ने जब उस घमंडी रानी को देखा, तो उसकी आँखों में गुस्सा था, पर वो चुप रही। फ़राओ की रानी बनी में ये सब्र सबसे बड़ी ताकत है। वो जानती है कि सही वक्त पर जवाब देना है।
कपड़े धोना सिर्फ काम नहीं, ये फ़राह की परीक्षा थी। फ़राओ की रानी बनी में हर सीन का गहरा मतलब है। उसने कपड़े धोए, पर अपना सम्मान नहीं खोया। ये उसकी जीत है।
फ़राह के गाल पर वो एक आँसू, हजारों कहानियाँ कह गया। फ़राओ की रानी बनी में ये सीन सबसे ज्यादा दिल को छू गया। वो रोई नहीं, बस एक आँसू गिरा, और सब कुछ बदल गया।
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